
SHREE SHARMA
399 days ago
जसु तुम्हार मानस बिमल हंसिनि जीहा जासु मुकताहल गुन गन चुनइ राम बसहु हियँ तासु भगवान के यश रूपी निर्मल मानसरोवर में जिसकी जीभ हंसिनी बनी हुई भगवान के गुण समूह रूपी मोतियों को चुगती रहती है, भगवान उसके ह्रदय मे बसते है अर्थात जिसकी जिह्वा प्रत्येक क्षण प्रभु के निर्मल पावन कर देने वाले यश का गुणगान करती रहती है ऐसे लोगों के हृदय में भगवान का वास होता है.. जय सियाराम 🙏

Comments (5)

Saumya Sharma
Jul 28, 2025
हर हर महादेव 🙏🌹🙏 जय शिव शक्ति 🙏 🌹🙏शुभ मंगलकामनाओं के साथ सुप्रभात वंदन भैया जी 🙏 🌹😊 महादेव और मां आदिशक्ति की कृपा से आप सपरिवार सदैव स्वस्थ और खुश रहें 🙏🌹😊 आपका दिन शुभ व मंगलमय हो 🙏🌹😊

Rama Devi Sahu
Jul 27, 2025
Jai Shree Ram 🙏 Jai Siya Ram 🙏 Subha Sandhya Vandan 🙏🌹🪔🌹🙏

Saumya Sharma
Jul 27, 2025
हर हर महादेव 🙏🌹🙏 जय शिव शक्ति 🙏 🌹🙏शुभ संध्या वंदन भैया जी 🙏 🌹😊 महादेव और मां आदिशक्ति की कृपा से आप सपरिवार सदैव स्वस्थ और खुश रहें 🙏🌹😊 आपका दिन शुभ व मंगलमय हो 🙏🌹😊

Anup Kumar Sinha
Jul 27, 2025
जय श्री राम 🙏🙏
