
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
52 days ago
*🕉️श्रावण मास को क्यों व्रतों में सबसे महत्वपूर्ण माह माना जाता है? जानिए 5 खास बातें🕉️* 🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱 *🪦हर धर्म में व्रतों का एक माह नियुक्त है उसी तरह हिंदू धर्म में श्रावण माह को व्रत रखने का माह माना जाता है। माता पार्वती ने पूरे सावन माह कठिन व्रत रखकर शिवजी को प्रसन्न किया था तभी से यह माह शिवजी के लिए सबसे श्रेष्ठ माह हो गया। इस पूरे माह जो भी नियम से व्रत रखता है उसका जीवन बदल जाता है और वह शिवजी का आशीर्वाद पाता है। विवाहित महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने और अविवाहित महिलाएं अच्छे वर के लिए भी सावन में शिव जी का व्रत रखती हैं।* *श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा-आराधना का विशेष विधान है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह महीना वर्ष का पांचवां माह है और अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार सावन का महीना जुलाई-अगस्त में आता है। इस दौरान सावन सोमवार व्रत का सर्वाधिक महत्व बताया जाता है।* *📿श्रावण मास की 5 खास बातें:-* *ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ* * *♿1. व्रतों का माह सावन के इस पवित्र महीने में भक्तों के द्वारा तीन प्रकार के व्रत रखे जाते हैं:-* *ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ* * *1. सावन सोमवार:-* श्रावण मास में सोमवार के दिन जो व्रत रखा जाता है उसे सावन सोमवार व्रत कहा जाता है। सोमवार का दिन भी भगवान शिव को समर्पित है। * *2. सोलह सोमवार व्रत:-* सावन को पवित्र माह माना जाता है। इसलिए सोलह सोमवार के व्रत प्रारंभ करने के लिए यह बेहद ही शुभ समय माना जाता है। * *3. प्रदोष व्रत:-* सावन में भगवान शिव एवं मां पार्वती का आशीर्वाद पाने के लिए प्रदोष व्रत प्रदोष काल तक रखा जाता है। शिव पुराण के अनुसार जो कोई व्यक्ति इस माह में सोमवार का व्रत करता है भगवान शिव उसकी समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं। * *♿2. शिव पूजा और दर्शन:-* सावन के महीने में लाखों श्रद्धालु ज्योर्तिलिंग के दर्शन के लिए हरिद्वार, काशी, उज्जैन, नासिक समेत भारत के कई धार्मिक स्थलों पर जाते हैं। श्रावस मास भगवान भोलेनाथ को सबसे प्रिय है। इस माह में सोमवार का व्रत और सावन स्नान की परंपरा है। श्रावण मास में बेलपत्र से भगवान भोलेनाथ की पूजा करना और उन्हें जल चढ़ाना अति फलदायी माना गया है। * *♿3. प्रकृति का माह:-* सावन के महीने का प्रकृति से भी गहरा संबंध है क्योंकि इस माह में वर्षा ऋतु होने से संपूर्ण धरती बारिश से हरी-भरी हो जाती है। ग्रीष्म ऋतु के बाद इस माह में बारिश होने से मानव समुदाय को बड़ी राहत मिलती है। * *♿4. पर्वों का माह:-* श्रावण मास में कई पर्व भी मनाए जाते हैं। भारत के पश्चिम तटीय राज्यों (महाराष्ट्र, गोवा एवं गुजरात) में श्रावण मास के अंतिम दिन नारियल पूर्णिमा मनाई जाती है। इस माह में कर्क संक्रांति, हरियाली तीज, नागपंचमी, रक्षा बंधन आदि कई व्रत एवं त्योहार रहते हैं। * *♿5. कावड़ यात्रा:-* श्रावण के पावन मास में शिव भक्तों के द्वारा कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जाता है। इस दौरान लाखों शिव भक्त देवभूमि उत्तराखंड में स्थित शिवनगरी हरिद्वार और गंगोत्री धाम की यात्रा करते हैं। वे इन तीर्थ स्थलों से गंगा जल से भरी कांवड़ को अपने कंधों रखकर पैदल लाते हैं और बाद में वह गंगा जल शिव को चढ़ाया जाता है। सालाना होने वाली इस यात्रा में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं को कांवरिया अथवा कावड़िया कहा जाता है। *♿ #जय_महाकाल♿* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱

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