
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
0 hours ago
इसे विस्तार से समझते हैं - 1. घास पर नंगे पैर चलने से क्या होता है? *a) प्रेशर पॉइंट्स एक्टिव होना:* हमारे तलवों पर 7000 से ज्यादा नर्व एंडिंग्स हैं। तलवे का अलग-अलग हिस्सा हमारे शरीर के अलग-अलग अंगों से जुड़ा माना जाता है - जैसा वीडियो में लिखा है - - अंगूठे और उंगलियों के आसपास - दिमाग, आंख, कान - बीच का हिस्सा - दिल, लिवर, फेफड़े - बीच का गड्ढा वाला हिस्सा - पाचन तंत्र (Digestive) - एड़ी - निचले अंग और immunity जब आप नर्म घास पर चलते हैं, तो ये सारे पॉइंट्स अपने आप हल्के-हल्के दबते हैं। ये एक नेचुरल फुट मसाज है। इससे तनाव कम लगता है। *b) ब्लड सर्कुलेशन बेहतर:* घास की ठंडक और नर्म स्पर्श से पैरों की छोटी-छोटी नसें खुलती हैं। पैर पूरे शरीर का बोझ उठाते हैं, वहां खून का दौरा सबसे ज्यादा जरूरी है। *c) Body का बैलेंस और मसल्स मजबूत:* जूते पहन कर हम सीधी, समतल जगह पर चलते हैं। घास पर नंगे पैर चलने से पैर के छोटे-छोटे मसल्स, एंकल और घुटने को अपना बैलेंस खुद बनाना पड़ता है, जिससे वो मजबूत होते हैं। *d) Earthing का फायदा:* धरती में एक हल्का निगेटिव चार्ज होता है। नंगे पैर घास पर चलने से शरीर का अतिरिक्त स्ट्रेस और सूजन पैदा करने वाला पॉजिटिव चार्ज कम होता है, नींद बेहतर होती है और मन शांत होता है। इसे कई रिसर्च में देखा गया है। 2. कैसे और कब चलें? प्रैक्टिकल तरीका *कितनी देर:* रोज 10-15 मिनट ही काफी है। सुबह की ओस वाली घास पर सबसे अच्छा। *कहाँ चलें:* पार्क, खेत, गार्डन - जहाँ की घास साफ हो, कांटे, कांच या कीड़े न हों। *कैसे चलें:* 1. धीरे-धीरे चलें, भागें नहीं। 2. पहले 2-3 मिनट सिर्फ खड़े होकर घास को महसूस करें। 3. पूरे तलवे को जमीन पर रखें। *सावधानी:* - डायबिटीज है या पैर में सुन्नपन है तो डॉक्टर से पूछ कर ही नंगे पैर चलें। - बहुत ज्यादा गर्म या गीली घास पर न चलें। - चलने के बाद पैर धोना जरूर है। टाइट जूते जरूरी हैं, पर पैरों को भी रोज थोड़ी आजादी देना जरूरी है। आप रोज घास पर चल पाते हैं क्या?
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