
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
150 days ago
रेगिस्तान की तपती रेत और दूर-दूर तक फैले धोरों के बीच से जब ट्रेन गुजरती है, तो वह नज़ारा वाकई जादुई होता है। भारत में थार मरुस्थल (Thar Desert) के बीच से गुजरने वाला रेल मार्ग न केवल इंजीनियरिंग का नमूना है, बल्कि यात्रियों के लिए एक यादगार अनुभव भी है। यहाँ थार के उस सफ़र की कुछ खास बातें हैं जो इसे इतना अनोखा बनाती हैं: 🚂 थार के बीच का मुख्य रेल मार्ग सबसे मशहूर रूट जोधपुर से जैसलमेर के बीच का है। जैसे-जैसे ट्रेन जैसलमेर के करीब पहुँचती है: * सुनहरी रेत: पटरियों के दोनों ओर सोने जैसी चमकती रेत के ऊँचे-ऊँचे टीले (Sand Dunes) दिखाई देते हैं। * वन्यजीव: खिड़की से बाहर झाँकने पर आपको अक्सर चिंकारा, नीलगाय और ऊँटों के झुंड दिख जाते हैं। * मिट्टी की चुनौतियाँ: कई बार तेज हवाओं के कारण रेत पटरियों पर आ जाती है, जिसे हटाने के लिए रेलवे को विशेष इंतजाम करने पड़ते हैं। 🏜️ सफ़र की कुछ खास झलकियाँ | विशेषता | विवरण | |---|---| | मुख्य स्टेशन | जोधपुर, पोकरण, जैसलमेर और बाड़मेर। | | थार एक्सप्रेस | यह ऐतिहासिक ट्रेन (जोधपुर से कराची) इसी मरुस्थल को पार करती थी (वर्तमान में स्थगित)। | | नज़ारा | मीलों तक फैला सन्नाटा, खेजड़ी के पेड़ और दूर क्षितिज पर ढलता हुआ सूरज। | > एक दिलचस्प बात: जैसलमेर रेलवे स्टेशन को "स्वर्ण नगरी" के प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है। यहाँ पहुँचते-पहुँचते ऐसा लगता है जैसे ट्रेन किसी ऐतिहासिक फिल्म के सेट में दाखिल हो रही हो। >
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