
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
329 days ago
बाबा बालक नाथ का इतिहास भगवान कार्तिकेय का अवतार माना जाता है, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे कलयुग में जन्म लेने के लिए शिव के पुत्र के रूप में प्रकट हुए थे। उन्हें गुजरात के काठियावाड़ क्षेत्र में विष्णु शर्मा और लक्ष्मी के घर में जन्म लिया बताया जाता है और गुरु दत्तात्रेय के शिष्य थे। उन्होंने १२ वर्ष की आयु में घर छोड़ दिया और हिमाचल प्रदेश के दियोटसिद्ध में अपनी तपोस्थली स्थापित की, जहाँ उनका मंदिर स्थित है। जन्म और प्रारंभिक जीवन बाबा बालक नाथ का जन्म कलयुग में काठियावाड़ (गुजरात) में पंडित विष्णु शर्मा और माता लक्ष्मी के घर हुआ था। उनके पिता शिव के मंदिर में पुजारी थे। उन्होंने गुरु दत्तात्रेय के मार्गदर्शन में आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया और उनके प्रमुख शिष्यों में से एक बने। दियोटसिद्ध में तपोभूमि बाबा बालक नाथ ने 12 साल की उम्र में घर छोड़ दिया और अपनी यात्रा शुरू की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक प्राकृतिक गुफा में अपना निवास बनाया, जिसे आज 'दियोटसिद्ध' के नाम से जाना जाता है। उन्होंने दियोटसिद्ध में स्थित गुफा में तपस्या की, और यहीं से उन्होंने 'सिद्ध' की उपाधि प्राप्त की। महिलाएं गुफा में प्रवेश नहीं कर सकतीं, लेकिन उनके दर्शन के लिए गुफा के सामने एक ऊंचे चबूतरे का निर्माण किया गया है। मान्यताएं और पूजा बाबा बालक नाथ को सिद्ध बाबा बालक नाथ, पौणाहारी और दूधाधारी के नाम से भी जाना जाता है। यह माना जाता है कि वे भगवान कार्तिकेय का अवतार हैं। उनका मुख्य मंदिर हिमाचल प्रदेश के दियोटसिद्ध में स्थित है, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। श्रद्धालु मंदिर में उन्हें 'रोट' (आटे, चीनी और घी से बना प्रसाद) चढ़ाते हैं। चैत्र मास में इस पवित्र स्थान पर बड़े मेले लगते हैं, जिसमें भारी संख्या में भक्तगण पहुंचते हैं। जय बाबा बालक नाथ जी 🙏
Comments (4)

Renu sharma
Oct 5, 2025
Baba ji apni kirpa banaye rakhna 🙏🙏

Renu sharma
Oct 5, 2025
Jai shree sidh Baba balak nath ji 🙏🙏

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Oct 5, 2025
जय बाबे दी जी 🙏 शुभ दुपहर आपका दिन मंगलमया हो जी 🙏

Rama Devi Sahu
Oct 5, 2025
Jai Ho 🙏 Subha Dopahar Jii 🙏 Bahut hi Sundar Post 👌👌 Dhanyawad 🙏
