
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
243 days ago
धरती पर रहता इंसान दौलत गिनता है, कि कल कितनी थी और आज कितनी बढ़ गई। ऊपर बैठा ईश्वर हंसता है, और इंसान कि सांसें गिनता है, कल कितनी थी और आज कितनी कम हो गई। जय श्रीराम जी। जय राम राम जी। जय बोलो सियारामजी। 🙏 शुभप्रभात जी 🙏
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