
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
107 days ago
जय शनि देव 🙏 ## ## श्री शनि चालीसा ### ### दोहा > श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। > कहत गणेश दास तुम, देहु अभय वरदान॥ > जयती जयती शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज। > करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज॥ > ### ### चौपाई जय जय श्री शनिदेव प्रभुदाना। जग रक्षक नवग्रह सरताजा॥ जय जय मन्द सदृश चपलाही। चतुरानन विभूषित मन माहीं॥ श्यामल तन नभ मण्डल दीक्षा। परम पुनीत मनोहर वीक्षा॥ कंचन मुकुट शीश पर धारै। लौह अस्त्र कर सिद्ध सुधारै॥ वाहन गर्दभ सिंह शृगाला। जम्बुक श्वान आदि विकराला॥ कूर कर्म जो करै संसारा। तिनको फल प्रभु देत अपारा॥ तुम हो पिता रवि के सुत प्यारे। छाया मात के नयन दुलारे॥ सुर असुरन सब मानत तुमको। न्यायधीश पद दीन्हा तुमको॥ रिद्धि सिद्धि के दाता तुम हो। विघ्न विनाशक विधाता तुम हो॥ शत्रु दमन हित प्रगटत स्वामी। घट घट के तुम अन्तर्यामी॥ नेत्र खोलि जब देखहु धरनी। कांपत लंकपति हुंकारी भरनी॥ विक्रम पर जब दशा तुम्हारी। राज पाट तज भये भिखारी॥ हरिश्चन्द्र हुं कंचन थारा। बिके नीच घर भरम अपारा॥ श्री रामहुं वनवास पठाया। रावण वध कर यश फैलाया॥ कृष्ण सुदामा की गति जानी। दीन हीन भये चक्रपाणी॥ शिव को भी तुम गिरिवर भेजो। रूप धरे वन वन प्रभु खोजो॥ प्रभु की महिमा अगम अपारा। जो ध्यावै सो उतरै पारा॥ ग्रह पीड़ा जब होवै भारी। सुमिरत नाम मिटै दुख सारी॥ तुलसी काठ की माला धारै। तेलहिं सुरत शमन पग डारै॥ काले उड़द तिल लोह सँजोवै। दान दिये दुख बन्धन खोवै॥ शनिवार व्रत करै सुजाना। कथा सुनै धर ध्यान ध्याना॥ तिनके काज सिद्ध सब होहीं। संकट कष्ट रहै नहिं कोई॥ जय जय शनिदेव सुखकारी। शरणागत की अरज हमारी॥ पुत्र हीन जो इच्छा करहीं। कोटि उपाय करैं सुत लहहीं॥ मन्द बुद्धि जो सुमिरन करहीं। विद्या बुद्धि तेज अति बढ़हीं॥ जो यह चालीसा नित गावै। शनि ग्रह जनित कष्ट नहिं पावै॥ ### ### दोहा > पाठ करै चालीस दिन, नित उठि अमृत बानि। > सो नर सुख सम्पति लहै, मिटै कष्ट अज्ञानि॥ > प्रभु सनमुख दीपक धरै, तेल सहित कर ध्यान। > शनि चालीसा पढ़ै नित, पावै पद निर्वाण॥ > **🪔 शनि जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं! प्रभु शनि देव की कृपा आप पर सदा बनी रहे।**
Comments (1)

Jyoti Agarwal
May 16, 2026
राधे राधे 🙏
