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SHREE SHARMA

2 days ago

कार्तिक मास : श्लोक-प्रमाण सहित सम्पूर्ण विवेचन 🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼 नारायणं नमस्कृत्य नरं चैव नरोत्तमम् । देवीं सरस्वतीं चैव ततो जयमुदीरयेत् ॥ ऋषियों ने सूत जी से पूछा था - कलि के कलुषित चित्त वाले, पापकर्म में डूबे, संसार सागर में निमग्न मनुष्यों के लिए अनायास गति कौन सी है? कौन सा धर्म सब धर्मों से अधिक मोक्ष साधक है? तब उत्तर में कार्तिक माहात्म्य कहा गया। 1. कार्तिक ही क्यों श्रेष्ठ?🌺 शास्त्र कहते हैं - न कार्तिकसमो मासो न कृतेन समं युगम्। न वेदसदृशं शास्त्रं न तीर्थं गंगा समम्॥ मासानां कार्तिकः श्रेष्ठो देवानां मधुसूदनः। तीर्थं नारायणाख्यं हि त्रितयं दुर्लभं कलौ॥ अर्थात जैसे सतयुग, वेद और गंगा की तुलना नहीं, वैसे कार्तिक की भी तुलना नहीं। पद्म पुराण, स्कन्द पुराण के वैष्णव खण्ड और नारद पुराण में इसका माहात्म्य मिलता है। ब्रह्मा जी ने कहा - एक ओर सब दान, व्रत, नियम और दूसरी ओर कार्तिक स्नान को तराजू पर तोला तो कार्तिक का ही पलड़ा भारी रहा। 2. 2026 में कब से कब तक?🌼 शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर के बाद 26 अक्टूबर से कार्तिक स्नान की परम्परा शुरू हो जाती है। उदया तिथि से मुख्य मास **27 अक्टूबर मंगलवार से 24 नवंबर कार्तिक पूर्णिमा तक** रहेगा। 3. व्रत का संकल्प - पहला श्लोक🌼 स्कन्द पुराण में व्रतारम्भ का संकल्प इस मंत्र से बताया है - दामोदरं नमस्कृत्य कुर्यात्संकल्पमादितः। दामोदर नमस्तेऽस्तु सर्वपापविनाशन। कार्तिकस्य व्रतं कर्तुमनुज्ञां दातुमर्हसि॥ निर्विघ्नं कुरु देवेश आमासं पुरुषोत्तम॥ हे दामोदर! हे सर्वपाप नाशन! मैं कार्तिक व्रत करना चाहता हूँ, मुझे आज्ञा दीजिए, इसे निर्विघ्न पूरा कराइए। 4. कार्तिक के पाँच प्राण - श्लोक सहित🌼 क) दीपदान - दीपदानभवैः पुण्यैस्तेजःसारूप्यमास्थिता। दीपदान से तेज और विष्णु सारूप्य मिलता है। पद्म पुराण में कहा है कि कार्तिक में एक दीप भी अंधकार भरे जन्मों को हर लेता है। इस मास में मिट्टी के दीपक का दान, मंदिर में, तुलसी के नीचे, पीपल पर और आकाश-दीप जलाना चाहिए। हरि भक्ति विलास में स्पष्ट है - In the month of Kartika one should worship Lord Damodara and daily recite the prayer known as Sri Damodarashtakam ख) तुलसी पूजन -🌼 कार्तिके तुलसी देव्याः पूजनं सर्वकामदम् कार्तिक में तुलसी पूजन सब कामनाओं को देने वाला है। जल देते समय मंत्र - महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी। आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते॥ नामाष्टक - वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी। पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी॥ ग) दामोदराष्टकम् - कार्तिक का हृदय🌼 कार्तिक में प्रतिदिन सायं दामोदराष्टकम् गाना चाहिए। पहला श्लोक - नमामीश्वरं सच्चिदानन्दरूपं, लसत्कुण्डलं गोकुले भ्राजमानम्। यशोदाभियोलूखलाद्धावमानं, परामृष्टमत्यन्ततो द्रुत्य गोप्या॥ मैं उन सच्चिदानन्द ईश्वर को नमस्कार करता हूँ जो गोकुल में कुण्डलों से शोभित हैं, जो माँ यशोदा के भय से ओखल से दौड़ रहे हैं और यशोदा द्वारा पकड़े गए हैं। घ) प्रबोधिनी एकादशी का माहात्म्य - तावद्गर्जति सेनानीर्गंगा भागीरथी क्षितौ। यावत्प्रयाति पापघ्नी कार्तिके हरिबोधिनी॥ अश्वमेधसहस्राणि राजसूयशतानि च। एकेनैवोपवासेन प्रबोधिन्या यथाऽभवत्॥ जब तक कार्तिक की पाप-नाशिनी प्रबोधिनी एकादशी नहीं आती, तभी तक गंगा, तीर्थ गर्जना करते हैं। एक प्रबोधिनी का उपवास हजार अश्वमेध के समान है। **ङ) स्नान और भजन -** कार्तिक में ब्रह्ममुहूर्त स्नान, भूमि शयन, ब्रह्मचर्य, पुराण श्रवण, गीता पाठ विशेष है। 5. क्या न करें?🌼 स्कन्द पुराण कहता है - कार्तिके मासि संप्राप्ते निषिद्धानि च वर्जयेत्। तैलाभ्यंगं परान्नं च...** आदि। तेल मालिश, पराया अन्न, दो-दाल वाले अन्न, बासी अन्न, बैंगन, लौकी, मसूर आदि वर्जित हैं। 6. फल🌼 जो निष्काम भाव से स्नान, दीप, तुलसी, दान, हरिनाम करता है वह जीवन्मुक्त है, उसे भगवान श्रीकृष्ण का प्रियत्व प्राप्त होता है।

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