
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
227 days ago
15.1.2026 जब दो व्यक्ति आपस में बात नहीं करते, तो उनमें दूरियां बढ़ जाती हैं। *"आपस में बातचीत न होने के कारण बहुत सी भ्रांतियां और संशय उत्पन्न हो जाते हैं।"* जब किसी के विषय में आपकी मानसिकता एक बार बिगड़ जाती है, आपको उसके विषय में कोई भ्रांति अथवा कुछ संशय उत्पन्न हो जाता है, *"तो फिर आप अपने मन को शुद्ध नहीं रख पाते। और अपनी दूषित मानसिकता से उसकी बातों को सुनते हैं। उसकी सारी घटनाओं को देखते हैं।"* तब क्योंकि आपका मन शुद्ध नहीं होता, इसलिए वह जो कुछ बोलता है, आप उसका उल्टा ही अर्थ निकालते हैं। *"अपनी दूषित मानसिकता के कारण कभी-कभी तो आप वह भी सुन लेते हैं, जो उसने बोला ही नहीं था। क्योंकि आपका मन शुद्ध नहीं होता, इसलिए उसके शब्द कुछ और होते हैं, और आप उसका कुछ और ही अर्थ निकालते हैं। यह स्थिति अच्छी नहीं है। आपके अपने लिए ही हानिकारक है।"* *"इसलिए अपने मन को सदा शुद्ध रखें। दूसरे लोगों से बातें करते रहें। घर के सदस्यों मित्रों रिश्तेदारों आदि से भी मिलते रहें। उनके साथ बातें करते रहें, जिससे कि आपमें और उनमें दूरियां न बढ़ें। संशय और भ्रांतियां न उत्पन्न हों। आपका मन स्वस्थ एवं प्रसन्न रहे, और आप सुखमय जीवन जी सकें।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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