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जय श्री महाकाल! 🚩 आज 8 मार्च 2026 के इस पावन अवसर पर, उज्जैन नगरी के राजा, अधिपति भगवान श्री महाकालेश्वर जी की भस्म आरती के दर्शन करना अत्यंत सौभाग्य की बात है। महाकाल की भस्म आरती केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि ब्रह्मांड के उस सत्य का प्रतीक है कि अंततः सब कुछ शिव में ही विलीन होना है। ताजी भस्म से होने वाला बाबा का श्रृंगार और झंझ-मंजीरों की गूँज हृदय में साक्षात शिव तत्व का अनुभव कराती है। आज के दर्शन का विशेष महत्व * नगर राजा का श्रृंगार: आज बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार चंदन, अबीर और पुष्पों से किया गया है। * पुण्य लाभ: मान्यता है कि भस्म आरती के दर्शन मात्र से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। * महामृत्युंजय जाप: इस समय किया गया "ॐ नमः शिवाय" का जाप अनंत गुना फलदायी होता है। बाबा के दरबार की कुछ मुख्य बातें * अखंड ज्योति: गर्भगृह में जलने वाली अखंड ज्योति निरंतर बाबा की उपस्थिति का आभास कराती है। * भस्म का स्वरूप: कपिला गाय के गोबर, शमी, पीपल और पलाश की लकड़ियों से तैयार विशेष भस्म का प्रयोग। * जलाभिषेक: पंचामृत पूजन के बाद होने वाला दिव्य अभिषेक। > "अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चांडाल का, काल उसका क्या बिगाड़े जो भक्त हो महाकाल का।" >

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