
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
7 hours ago
ॐ पितृ देवाय नमः। शुभ प्रभातम् जी! भवतः कृते प्रेषितस्य 'तृतीया श्राद्ध' विषयकस्य चित्रस्य विस्तृतं -विवरणम् अधोलिखितम् अस्ति— ### तृतीया श्राद्ध (२९ सितम्बर २०२६, मंगलवार) * **दिन का महत्त्व:** * तृतीया श्राद्ध पितृ पक्ष के तीसरे दिन किया जाता है। * यह श्राद्ध उन पितरों के निमित्त किया जाता है, जिनका निधन तृतीया तिथि को हुआ हो। * इस दिन पितरों की संतुष्टि के लिए श्राद्ध और तर्पण करने की विशेष परंपरा है। * **दैनिक मंत्र:** * **ॐ पितृभ्यो नमः** * **क्या करें (करणीय कार्य):** * तृतीया तिथि वाले पितरों का श्राद्ध करें। * श्राद्ध कर्म के अंत में विधि-विधान से तर्पण करें। * पूरी श्रद्धा और भाव के साथ अपने पितरों का स्मरण करें। * ब्राह्मणों को भोजन कराएं और अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दें। * **क्या न करें (अकरणीय कार्य):** * श्राद्ध कर्म या पूजा-पाठ में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी न करें। * इस दौरान तामसिक भोजन (मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज आदि) के सेवन से बचें। * बाल कटवाने (केशकर्तन) से बचें। * किसी भी स्थिति में पितरों के प्रति अनादर या अपमानजनक व्यवहार न करें।

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