
Rama Devi Sahu
5 days ago
तुलसी और श्री गणेश की यह कथा बहुत ही रोचक है, जो हमें सिखाती है कि कभी-कभी 'क्रोध' और 'श्राप' भी भविष्य में किसी बड़े कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार देवी तुलसी (जो उस समय एक युवा कन्या के रूप में थीं) गंगा के तट पर टहल रही थीं। वहाँ उन्होंने देखा कि युवा श्री गणेश अत्यंत शांत मुद्रा में ध्यानमग्न बैठे थे। गणेश जी का पीतांबर, चंदन का लेप और उनका दिव्य तेज देखकर तुलसी उन पर मोहित हो गईं। तुलसी ने गणेश जी का ध्यान भंग किया और उनके सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। श्री गणेश ने अत्यंत विनम्रता से कहा: "हे देवी! मैं अखंड ब्रह्मचर्य का पालन कर रहा हूँ और मेरा ध्यान केवल तपस्या में है। मैं आपसे विवाह नहीं कर सकता।" तुलसी को अपनी सुंदरता पर गर्व था और गणेश जी के इंकार को उन्होंने अपना अपमान समझा। आवेश में आकर उन्होंने गणेश जी को श्राप दिया "तुमने मेरा प्रस्ताव ठुकराया है, इसलिए तुम्हारा विवाह तुम्हारी इच्छा के विरुद्ध होगा।" (इसी कारण बाद में गणेश जी का विवाह रिद्धि और सिद्धि से हुआ)। गणेश जी ने भी शांत रहते हुए उन्हें प्रति-श्राप दिया "हे तुलसी! तुमने अपनी मर्यादा खोई है, इसलिए तुम्हारा विवाह एक असुर (शंखचूड़) से होगा।" श्राप सुनते ही तुलसी का अहंकार टूट गया और वे रोने लगीं। उन्होंने गणेश जी से क्षमा मांगी। दयालु गणेश जी ने उन्हें सांत्वना दी और कहा "नियति को बदला नहीं जा सकता, लेकिन तुम्हारा यह असुर विवाह तुम्हें अमर बना देगा। तुम बाद में भगवान विष्णु की सबसे प्रिय बनोगी और 'तुलसी' के रूप में तुम्हें जगत की सबसे पवित्र वनस्पति माना जाएगा। तुम्हारे बिना विष्णु की पूजा अधूरी रहेगी।" इस घटना के कारण ही आज भी गणेश जी की पूजा में एक बहुत ही कड़ा नियम पालन किया जाता है गणेश जी की पूजा में लगभग हर फूल और पत्ती (खासकर दूर्वा) चढ़ाई जाती है, लेकिन तुलसी का पत्ता कभी नहीं चढ़ाया जाता। माना जाता है कि उस पुराने श्राप के कारण गणेश जी को तुलसी अप्रिय है। पूरे साल में केवल एक दिन, गणेश चतुर्थी (भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी) के दिन गणेश जी को तुलसी चढ़ाई जा सकती है। यह कहानी हमें सिखाती है कि प्रेम में जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए। तुलसी का मोह और क्रोध उन्हें असुर विवाह तक ले गया, लेकिन उनके पश्चाताप ने उन्हें साक्षात "विष्णुप्रिया" बना दिया।
Comments (8)

Rama Devi Sahu
Sep 16, 2026
जय श्री गणेशाय नमः ॐ नमः शिवाय हर-हर महादेव जी मेरे सभी भाई बहनों को सुबह की राम राम जी 🙏🙏 🙏🏻सुप्रभात🙏🏻 आप सपरिवार स्वस्थ्य रहें, खुश रहें, मस्त रहें और सभी दूखों से दूर रहें। आज का दिन आप और आपके परिवार के लिए मंगलमय हो।

सविता
Sep 16, 2026
om ganeshay namah 🙏🌹 shubh sandhya ji 🙏🌹

Rama Devi Sahu
Sep 16, 2026
जय श्री गणेशाय नमः ॐ नमः शिवाय हर-हर महादेव जी मेरे सभी भाई बहनों को सुबह की राम राम जी 🙏🙏 🙏🏻सुप्रभात🙏🏻 आप सपरिवार स्वस्थ्य रहें, खुश रहें, मस्त रहें और सभी दूखों से दूर रहें। आज का दिन आप और आपके परिवार के लिए मंगलमय हो। 🙏🌹

Rama Devi Sahu
Sep 16, 2026
जय श्री गणेशाय नमः ॐ नमः शिवाय हर-हर महादेव जी मेरे सभी भाई बहनों को सुबह की राम राम जी 🙏🙏 🙏🏻सुप्रभात🙏🏻 आप सपरिवार स्वस्थ्य रहें, खुश रहें, मस्त रहें और सभी दूखों से दूर रहें। आज का दिन आप और आपके परिवार के लिए मंगलमय हो। 🙏🌹

Rama Devi Sahu
Sep 16, 2026
जय श्री गणेशाय नमः ॐ नमः शिवाय हर-हर महादेव जी मेरे सभी भाई बहनों को सुबह की राम राम जी 🙏🙏 🙏🏻सुप्रभात🙏🏻 आप सपरिवार स्वस्थ्य रहें, खुश रहें, मस्त रहें और सभी दूखों से दूर रहें। आज का दिन आप और आपके परिवार के लिए मंगलमय हो। 🙏🌹

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Sep 16, 2026
जय श्री गणेश! 🙏 सुप्रभात। आपका दिन मंगलमय हो भगवान श्री गणेश जी आपके जीवन की सभी बाधाओं को दूर करें और आपके दिन को सुख, शांति व सफलता से भर दें। आपका हर कार्य मंगलमय और आनंददायी रहे।

R k jangid phulera Jaipur
Sep 16, 2026
जय श्री गणेश जी की 🌹🙏 प्रथम पूज्य देव गणेश जी की कृपा आप पर सदैव बनी रहे 🙏 शुभ प्रभात मंगल 🙏

Ramesh chand
Sep 16, 2026
आपका दिन शुभ और अच्छा हो, आप अपने परिवार के साथ स्वस्थ और अपने काम में व्यस्त रहें, आपके सारे काम पुरे हों ❤️रामा देवी साहू बहन ज़ी 🌹🙏💕
