
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
5 hours ago
पापांकुशा एकादशी** कहा जाता है। जैसा कि इस नाम से ही स्पष्ट है—**"पाप" + "अंकुश"**—यह एकादशी पाप रूपी हाथियों पर अंकुश (नियंत्रण) लगाने वाली और समस्त पापों का नाश करने वाली मानी जाती है। इस पावन एकादशी का धार्मिक महत्व, कथा और इससे जुड़ी मुख्य मान्यताएं इस प्रकार हैं: ### **1. धार्मिक महत्व और महिमा** * **पापों से मुक्ति:** पद्म पुराण के अनुसार, पापांकुशा एकादशी का व्रत रखने से मनुष्य के जाने-अनजाने में किए गए सभी प्रकार के पाप नष्ट हो जाते हैं। * **मोक्ष की प्राप्ति:** इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति को मृत्यु के बाद यमराज की यातनाएं नहीं सहनी पड़तीं और वह सीधे विष्णु लोक (वैकुंठ) को प्राप्त होता है। * **तपस्या का फल:** ऐसा माना जाता है कि जो फल कठिन तपस्या, हवनों और तीर्थों में स्नान से मिलता है, वह केवल पापांकुशा एकादशी का विधिवत व्रत करने मात्र से प्राप्त हो जाता है। ### **2. पापांकुशा एकादशी की कथा** पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीनकाल में विन्ध्य पर्वत पर **क्रूर** नामक एक बहुत ही क्रूर और पापी बहेलिया रहता था। उसने अपने जीवन में अनगिनत पाप किए थे। जब उसकी मृत्यु का समय निकट आया, तो यमराज के दूत उसे लेने आए और बताया कि नरक में उसे भयानक कष्ट भोगने पड़ेंगे। यह सुनकर वह भयभीत हो गया और महर्षि अंगिरा के आश्रम में शरण लेने पहुँचा। महर्षि अंगिरा ने उसकी दयनीय स्थिति देखकर उसे आश्विन शुक्ल एकादशी (पापांकुशा एकादशी) का विधि-विधान से व्रत करने और भगवान विष्णु की पूजा करने की सलाह दी। बहेलिए ने सच्चे मन से उस व्रत का पालन किया। इस व्रत के प्रभाव से उसके सारे पाप भस्म हो गए और उसे अंत में दिव्य लोक की प्राप्ति हुई। ### **3. मुख्य मान्यताएं एवं पूजा विधि** * **श्रीविष्णु आराधना:** इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु (पद्मनाभ स्वरूप) की पूजा की जाती है। व्रत रखने वाले भक्तों को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्तियों को स्थापित कर विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। * **दान-पुण्य:** इस एकादशी पर अन्न, जल, छाता, जूते और वस्त्रों का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। * **सात्विक जीवन:** व्रत के दिन मन, वाणी और कर्म से पवित्र रहना चाहिए। झूठ बोलने, क्रोध करने और अन्न ग्रहण करने से बचना चाहिए (निर्जला या फलाहार रहकर व्रत रखा जाता है)। * **रात्रि जागरण:** इस दिन भगवान के नाम का कीर्तन और रात्रि जागरण करने का विशेष महत्व है। > 🪷 **निष्कर्ष:** पापांकुशा एकादशी मनुष्य को बुराइयों और पापों से दूर रहकर धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। सच्चे और पावन हृदय से इस व्रत को करने वाले पर भगवान विष्णु की असीम कृपा बरसती है। >
Comments (1)

Gori 🕉️🌿 शंकराय नमः
Oct 22, 2026
🙏🏻जय जगन्नाथ 🌹🚩
