
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
66 days ago
🌤️ *दिनांक - 25 जून 2026* 🌤️ *दिन - गुरूवार* 🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)* 🌤️ *शक संवत -1948* 🌤️ *अयन - दक्षिणायन* 🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु* 🌤️ *मास - ज्येष्ठ* 🌤️ *पक्ष - शुक्ल* 🌤️ *तिथि - एकादशी रात्रि 08:09 तक तत्पश्चात द्वादशी* 🌤️ *नक्षत्र - स्वाती शाम 04:29 तक तत्पश्चात विशाखा* 🌤️ *योग - शिव सुबह 10:54 तक तत्पश्चात सिद्ध* 🌤️*राहुकाल - दोपहर 02:22 से शाम 04:03 तक* 🌤️ *सूर्योदय - 05:59* 🌤️ *सूर्यास्त - 07:22* 👉 *दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे* 🚩*व्रत पर्व विवरण- निर्जला- भीम एकादशी* 💥*विशेष- हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।* 💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l* 💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।* 💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।* 💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।* 🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩 🌷 *निर्जला एकादशी* 🌷 ➡️ *25 जून 2026 गुरुवार को निर्जला एकादशी है।* 🙏🏻 *निर्जला एकादशी व्रत से अधिक मास सहित २६ एकादशियों के व्रत का फल प्राप्त होता है । इस दिन किया गया स्नान, दान जप, होम आदि अक्षय होता है ।* 🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩 🌷 *बहूपयोगी औषधि – सोंठ* 🌷 👉🏻 *जब अदरक सूख जाता है तब उसकी सोंठ बनती है | सोंठ पाचनतंत्र के लिए अत्यंत उपयोगी है | यह सारे शरीर के संगठन को सुधारती है, मनुष्य की जीवनशक्ति और रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाती है | यह आम, कफ व वात नाशक है | गठिया, दमा, खाँसी, कब्जियत, उल्टी, सूजन, ह्रदयरोग, पेट के रोग और वातरोगों को दूर करती है |* 💊 *औषधीय प्रयोग* 💊 ➡ *वातनाशक गोलियाँ : सोंठ के चूर्ण में समभाग गुड़ और थोडा – सा घी डाल के २- २ ग्राम की गोलियाँ बना लें | १ -२ गोली सुबह लेने से वायु और वर्षाकालीन जुकाम से रक्षा होती है | बारिश में सतत भीगते – भीगते काम करने वाले किसानों और खेती के काम में लगे मजदूरों के लिए यह अत्यंत लाभदायक है | इससे शारीरिक शक्ति व फूर्ती बनी रहती है |* ➡ *सिरदर्द : सोंठ को पानी के साथ घिसलें | इसका लेप माथे पर करने से कफजन्य सिरदर्द में राहत मिलती है |* ➡ *मन्दाग्नि : सोंठ का आधा चम्मच चूर्ण थोड़े – से गुड़ में मिलाकर कुछ दिन प्रात:काल लेने से जठराग्नि तेज हो जाती है और मन्दाग्नि दूर होती है |* ➡ *कमर दर्द व गठिया : सोंठ को मोटा कूट लें | १ चम्मच सोंठ २ कप पानी में डाल के उबालें | जब आधा कप पानी बचे तो उतार के छान लें | इसमें २ चम्मच अरंडी – तेल डाल के सुबह पियें | दर्द में राहत होने तक हफ्तें में २ -३ दिन यह प्रयोग करें |* 🌷 *पुराना जुकाम* 🌷 😤 *१) ५ ग्राम सोंठ १ लीटर पानी में उबालें | दिन में ३ बार यह गुनगुना करके पीने से पुराने जुकाम में लाभ होता है |* 😤 *२) पीने के पानी में सोंठ का टुकड़ा डालकर वह पानी पीते रहने से पुराना जुकाम ठीक होता है | ( सोंठ के टुकड़े को प्रतिदिन बदलते रहें | )* 😤 *सर्दी – जुकाम : ५ ग्राम सोंठ चूर्ण, १० ग्राम गुड़ और १ चम्मच घी को मिलालें | इसमें थोडा -सा पानी डालके आग पर रखके रबड़ी जैसा बना लें | प्रतिदिन सुबह लेने से ३ दिन में ही सर्दी – जुकाम मिट जाता है |* 💥 *सावधानी – रक्तपित्त की व्याधि में तथा पित्त प्रकृतिवाले ग्रीष्म व शरद ऋतु में सोंठ का उपयोग न करें |* 🙏🏻 *स्त्रोत – लोक कल्याण सेतु – जून २०१६ से* 🚩🌞

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Jun 25, 2026
🙏‼️ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः ‼️🙏 पांडव निर्जला एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🌹 ॐ नमो श्री लक्ष्मी नारायण नमो नमः 🙏🌹

प्रेम कुमार
Jun 25, 2026
🌹 ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🌹 निर्जला एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं 🌹 शुभ प्रभात वंदन 🌹
