
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
218 days ago
*📜 भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के जनक पद्मविभूषण सम्मानित महानतम वैज्ञानिक डॉ० होमी जहांगीर भाभा जी को पुण्यतिथि पर शत-शत नमन।📜* *24 जनवरी 1966* परमाणु वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा का प्लेन क्रैश में निधन; अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA पर लगा था साजिश का आरोप आज ही के दिन 1966 में भारतीय न्यूक्लियर प्रोग्राम के जनक होमी जहांगीर भाभा का एक प्लेन क्रैश में निधन हुआ था। भाभा का जन्म 30 अक्टूबर 1909 को मुंबई के एक अमीर पारसी परिवार में हुआ था। भाभा न केवल वैज्ञानिक थे, बल्कि बहुमुखी प्रतिभा संपन्न भी थे। डॉक्टर भाभा की शख्सियत ऐसी थी कि नोबेल पुरस्कार विजेता सीवी रमन उन्हें भारत का लियोनार्दो द विंची कहकर बुलाते थे। 24 जनवरी 1966 को एक विमान हादसे में उनकी मौत हो गई थी। एयर इंडिया का यह विमान मुंबई से न्यूयॉर्क जा रहा था। लेकिन अमेरिका पहुंचने से पहले ही यह विमान यूरोप के आलप्स माउंटेन रेंज में क्रैश हो गया। इस हादसे में होमी जहांगीर भाभा समेत 117 लोगों की जान गई थी। *अमेरिका पर लगा था भाभा की मौत की साजिश रचने का आरोप* कहा जाता है कि होमी जहांगीर भाभा की मौत के पीछे अमेरिकी खुफिया एजेंसी का हाथ था। भारत के न्यूक्लियर एनर्जी प्रोग्राम को रोकने के लिए भाभा की मौत की साजिश रची गई थी। हादसे के 42 साल बाद 2008 में एक दावा किया गया। विदेशी पत्रकार ग्रेगरी डगलस की एक किताब कन्वर्सेशन विद द क्रो (Conversation With the Crow) में डगलस और CIA अफसर रॉबर्ट क्रॉउली के बीच बातचीत का अंश है। इसी में डगलस ने होमी जहांगीर भाभा की मौत के पीछे CIA का हाथ होने का दावा किया था। होमी जहांगीर भाभा की गिनती भारत के सबसे महान वैज्ञानिकों में होती है। होमी जहांगीर भाभा की गिनती भारत के सबसे महान वैज्ञानिकों में होती है। किताब के मुताबिक 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारत की जीत से अमेरिका बेचैन हो गया था। भारत की बढ़ती परमाणु ताकत को देखकर अमेरिका की चिंता बढ़ गई थी। CIA ऑफिसर रह चुके रॉबर्ट क्रॉउली ने भाभा के प्लेन को बम से उड़ाए जाने की बात मानी थी। *भाभा ने 18 महीने में परमाणु बम बनाने का दावा किया था* विमान हादसे के तीन महीने पहले भाभा की एक घोषणा ने दुनिया के बड़े मुल्कों को चौंका दिया था। भाभा ने ऑल इंडिया रेडियो पर घोषणा करते हुए कहा था कि अगर उन्हें छूट मिले, तो वे 18 महीने में एटम बम बनाकर दिखा सकते हैं। भाभा हमेशा देश की सुरक्षा, ऊर्जा, कृषि और मेडिसिन के क्षेत्र में न्यूक्लियर एनर्जी के डेवलपमेंट का जिक्र करते थे। वे देश के विकास के लिए इसे जरूरी मानते थे। कहते हैं कि अगर उनका विमान क्रैश नहीं होता, तो भारत न्यूक्लियर साइंस की फील्ड में कई उपलब्धियां बहुत पहले हासिल कर सकता था। भाभा की न्यूक्लियर साइंस की प्रतिभा से अमेरिका समेत दुनिया के कई देश चौंक गए थे। भाभा की न्यूक्लियर साइंस की प्रतिभा से अमेरिका समेत दुनिया के कई देश चौंक गए थे। *जवाहरलाल नेहरू को भाई कहकर पुकारते थे* होमी भाभा भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के काफी नजदीक थे। साथ ही दुनिया के उन चुनिंदा लोगों में से थे जो उन्हें भाई कहकर पुकारते थे। भाभा 1950 से 1966 तक परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष थे। तब वे भारत सरकार के सचिव भी हुआ करते थे। कहते हैं कि सादगी पसंद भाभा कभी भी अपने चपरासी को अपना ब्रीफकेस नहीं उठाने देते थे।

Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
