
SHREE SHARMA
409 days ago
ईशानां जगतोऽस्य वेंकटपते र्विष्णोः परां प्रेयसीं तद्वक्षःस्थल नित्यवासरसिकां तत्क्षांतिसंवर्धिनीम् । पद्मालंकृत पाणिपल्लवयुगां पद्मासनस्थां श्रियां वात्सल्यादि गुणोज्ज्वलां भगवतीं वन्दे जगन्मातरम् ॥ हे माॅं ! तुम सृष्टि के अधिपति भगवान विष्णु जो वेंकटेश्वर के रूपमें विराजमान है, उनकी भार्या हो, तुम उनके वक्ष:स्थल सदा निवास करती हो और उनकी कृपा करने की क्षमता को बढ़ाती हो। तुम कमल पर आसीन हो और दोनों करकमलोंमें कमल धारण किये हुए हो। हे अपार वात्सल्य गुणोंसे भरी दयावती माते ! मैं तुम्हें प्रणाम करता हूॅं I 🪷🪷🪷🪷🪷 जय माॅं 🪷🪷🪷🪷🪷

Comments (2)

Saumya Sharma
Jul 17, 2025
जय श्री लक्ष्मीनारायण जी 🙏🌹😊 श्री हरि और हरि प्रिया लक्ष्मी जी की कृपा आप सपरिवार पर सदैव बनी रहे 🙏 शुभ रात्रि वंदन भैया जी 🙏🌹😊

Ramesh Mathwas Nagda mp Ujjain Madhya Pradesh Nagda mp Ujjain Madhya Pradesh
Jul 17, 2025
Jai shree Krishna ji Radhe Radhe ji Jai Shri Ram
