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।।देवशयनी एकादशी।। *आषाढ़ी एकादशी (देवशयनी एकादशी) इस वर्ष 25 जुलाई 2026, शनिवार को है। इसे हरिशयनी एकादशी, पद्मा एकादशी और देवशयनी एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन से चातुर्मास का शुभारंभ होता है।* आषाढ़ शुक्ल एकादशी का सनातन धर्म में अत्यंत विशेष स्थान है। *इस दिन भगवान श्री विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं और चार महीने बाद देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी को जागृत होते हैं। इसी कारण इस अवधि को चातुर्मास कहा जाता है।* चातुर्मास साधना, जप, तप, स्वाध्याय, व्रत और भक्ति का विशेष काल माना गया है। *आध्यात्मिक दृष्टि से भी आषाढ़ी एकादशी का संदेश अत्यंत सुंदर है। जैसे भगवान विष्णु योगनिद्रा में स्थित होते हैं, वैसे ही साधक को भी बाहरी चंचलता से हटकर अपने भीतर स्थित परमात्मा का चिंतन करना चाहिए। इसलिए यह दिन केवल व्रत का ही नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, गुरु चिंतन और ईश्वर-स्मरण का भी महापर्व है।* ।। आषाढ़ी एकादशी का महत्व ।। *बाबा कहते हैं कि आषाढ़ी एकादशी वैष्णवों का अत्यंत पवित्र व्रत है। इस दिन भगवान विष्णु का अखंड नाम-स्मरण, भजन, यथाशक्ति मौन, जागरण और उपवास करना चाहिए। द्वादशी के दिन विधिपूर्वक पारणा किया जाता है। संत तुकाराम महाराज ने इस एकादशी को वैकुण्ठ प्राप्ति का मार्ग बताया है।* *व्रत का उद्देश्य केवल भोजन का त्याग नहीं, बल्कि मन को भगवान में लगाना है। इसलिए इस दिन अनाज का त्याग करके अधिक से अधिक हरि-भजन, जप और ईश्वर-चिंतन करना चाहिए। व्रत में संयम और सरलता आवश्यक है। एकादशी के नाम पर अत्यधिक भोजन करना व्रत की भावना के विपरीत है। सच्ची एकादशी वही है जो शरीर के साथ-साथ मन को भी शुद्ध करे और भगवान की भक्ति में स्थिर करे।* अस्तु। *श्री गुरुदेव चरणार्पणमस्तु।* *सद्गुरु नाथ महाराज की जय।*

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Comments (1)

प्रेम कुमार

प्रेम कुमार

Jul 25, 2026

🌹 ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🌹 देवशयनी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं 🌹 शुभ प्रभात वंदन 🌹