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*📜 11 फरवरी 📜* *🌹 पं. दीनदयाल उपाध्याय // पुण्यतिथि 🌹* : 25 सितंबर 1916 (मथुरा, उत्तर प्रदेश)। दर्शन: उन्होंने 'एकात्म मानववाद' और 'अंत्योदय' (समाज के अंतिम व्यक्ति का उत्थान) का सिद्धांत दिया। विचारधारा: वे एक प्रखर राष्ट्रवादी, आत्मनिर्भरता के समर्थक और जनसंघ के प्रमुख नेता थे। स्मरण: उनकी पुण्यतिथि पर, देश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है और उनके सेवा-समर्पण के विचारों को याद किया जाता है। उनकी मृत्यु 10/11 फरवरी 1968 की रात में ट्रेन यात्रा के दौरान हुई थी, जो आज भी एक अनसुलझी घटना है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय (25 सितम्बर 1916–11 फरवरी 1968) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चिंतक और संगठनकर्ता थे। वे भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद नामक विचारधारा दी। वे एक समावेशित विचारधारा के समर्थक थे जो एक मजबूत और सशक्त भारत चाहते थे। *पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक थे।* 1967 तक उपाध्याय जी भारतीय जनसंघ के महामंत्री रहे। 1967 में कालीकट अधिवेशन में उपाध्याय जी भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। वह मात्र 43 दिन जनसंघ के अध्यक्ष रहे। 10/11 फरवरी 1968 की रात्रि में मुगलसराय ( दीनदयाल उपाध्याय ) स्टेशन पर उनकी हत्या कर दी गई। 11 फरवरी को प्रातः पौने चार बजे सहायक स्टेशन मास्टर को खंभा नं० 1276 के पास कंकड़ पर पड़ी हुई लाश की सूचना मिली। शव प्लेटफार्म पर रखा गया तो लोगों की भीड़ में से चिल्लाया- "अरे, यह तो भारतीय संघ के अध्यक्ष दीन दयाल उपाध्याय हैं।" पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गयी। 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

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