
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
3 days ago
जय बलराम जी! 🙏 जब भगवान श्रीकृष्ण और जाम्बवती के पुत्र **साम्ब** दुर्योधन की पुत्री **लक्ष्मणा** का हरण करके ले जा रहे थे, तब कौरवों (कर्ण, दुर्योधन, भीष्म आदि) ने मिलकर साम्ब को बंदी बना लिया था। इस विवाद को सुलझाने के लिए जब बलराम जी हस्तिनापुर पहुंचे और कौरवों से साम्ब को मुक्त करने को कहा, तो कौरवों ने अहंकारवश यादवों का अपमान कर दिया। **इसके बाद का प्रसंग:** * **हल से हस्तिनापुर को खींचना:** कौरवों का घमंड देखकर बलराम जी अत्यंत क्रोधित हो गए। उन्होंने अपना दिव्य **हल** जमीन में धंसाया और पूरे **हस्तिनापुर को गंगा नदी में समाहित करने के लिए अपनी ओर खींचना शुरू कर दिया**। * **हस्तिनापुर की दशा:** पूरा नगर डगमगाने लगा और भूकंप जैसी स्थिति पैदा हो गई। हस्तिनापुर तिरछा होकर गंगा की धारा की ओर खिसकने लगा। * **कौरवों का क्षमा मांगना:** संपूर्ण विनाश को निकट देखकर धृतराष्ट्र, भीष्म और दुर्योधन अत्यंत भयभीत हो गए। वे हाथ जोड़कर बलराम जी के चरणों में गिर पड़े, अपनी भूल के लिए क्षमा मांगी और साम्ब तथा लक्ष्मणा को विधिपूर्वक विदा किया। कहा जाता है कि उस घटना के बाद से हस्तिनापुर की भूमि का वह हिस्सा आज भी यमुना की तरफ थोड़ा झुका हुआ सा प्रतीत होता है।
Comments (5)

tiya
Sep 2, 2026
jay shree krishna

Ramesh Sahu
Sep 2, 2026
jai Sri baldau Ji

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Sep 2, 2026
जय श्री कृष्णा जी 🙏

Ramesh chand
Sep 2, 2026
सभी को बलराम जयंती की हार्दिक शुभकामनायें 🙏
