
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
158 days ago
जय श्री महाकाल! आज २५ मार्च २०२६, बुधवार के पावन अवसर पर, अवंतिका नगरी (उज्जैन) के राजा, अधिपति भगवान श्री महाकालेश्वर के दरबार में हुई दिव्य भस्म आरती का स्मरण मात्र ही कल्याणकारी है। आज की भस्म आरती का दृश्य अत्यंत मनोहारी और अलौकिक रहा, जिसमें बाबा महाकाल ने भक्तों को निराकार से साकार रूप में दर्शन दिए। श्री महाकालेश्वर भस्म आरती दर्शन: २५ मार्च २०२६ आज सुबह ब्रह्म मुहूर्त में बाबा महाकाल की विशेष भस्म आरती संपन्न हुई, जिसके मुख्य चरण इस प्रकार रहे: * जलाभिषेक व पंचामृत पूजन: सर्वप्रथम भगवान महाकाल का दूध, दही, घी, शक्कर और शहद से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। * दिव्य श्रृंगार: अभिषेक के पश्चात बाबा का भांग, चंदन और सूखे मेवों से अद्भुत श्रृंगार किया गया। बुधवार का दिन होने के कारण आज के श्रृंगार में विशेष सौम्यता और राजसी ठाट का संगम देखने को मिला। * भस्म अर्पण: महानिर्वाणी अखाड़े के साधुओं द्वारा कपाल भस्म अर्पित की गई। भस्म की धूनी के बीच बाबा का स्वरूप ज्योतिर्मय हो उठा। * महानिरांजन: झांझ-मंजीरों, डमरू और शंख की ध्वनि के साथ जब 'जय महाकाल' का उद्घोष हुआ, तो संपूर्ण मंदिर परिसर शिवमय हो गया। आज का मंगल संदेश > आकाशे तारकं लिंगं पाताले हाटकेश्वरम्। > मर्त्यलोके च महाकालं त्रिलिंगं नमतुते॥ > अर्थ: आकाश में तारक लिंग, पाताल में हाटकेश्वर और मृत्युलोक (पृथ्वी) पर भगवान महाकालेश्वर विराजमान हैं। ऐसे त्रिलोकीनाथ को हम नमन करते हैं। भगवान महाकाल आज की इस भस्म आरती के पुण्य से आपके जीवन के समस्त अंधकारों को दूर करें और आपको आरोग्य एवं सुख-समृद्धि प्रदान करें। जय माहा काल 🙏
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