
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
289 days ago
जय श्री हरि 🌻 प्रश्न – स्वामीजी, एक व्यक्ति ने आपसे कहा था कि मुझे कई महात्मा मिले, पर लाभ नहीं हुआ तो आपने कहा कि वास्तव में एक भी महात्मा नहीं मिला ! महात्मा को देखा है, मिला नहीं है! आप बतायें कि महात्मा का मिलना क्या है ? स्वामीजी - महात्मा के भावों के साथ एक हो जाना ही उनसे मिलना है। महात्मा मिलनेपर वह व्यक्ति भी महात्मा हो जाता है। इसलिये कहा है पारस में अरु सन्त में, बड़ो अन्तरो जान । वो लोहा कंचन करे, वो करे आप समान ॥ स्वामी रामसुखदासजी महाराज।

Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
