
Rama Devi Sahu
234 days ago
“नहाने से कोई फायदा नहीं, ठंड बहुत है” — यह वाक्य आजकल सिर्फ़ बहाना नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन बन चुका है। ऊपर से संत कबीर भी जैसे ठंड में हमारे पक्ष में खड़े नज़र आते हैं — “मल मल धोए शरीर को, धोए न मन का मैल…” मतलब साफ़ है भाई 👉 शरीर धोने से क्या होगा, जब आत्मा ही रज़ाई में दुबकी हो! 😌🛌 अब ज़रा सोचिए — सुबह 6 बजे अलार्म बजे, रज़ाई बोले: “मत जा पगले, ठंड है” गैसर बोले: “आज मैं छुट्टी पर हूँ” और बाल्टी में पानी बोले: “छू के तो देख” 🥶 ऐसे में नहाना कोई सफ़ाई नहीं, वीरता पुरस्कार पाने जैसा काम है। जो लोग ठंड में नहाते हैं, वही लोग गर्मियों में दोपहर को छत पर भी खड़े हो जाते हैं। हम साधारण लोग हैं, संत नहीं! 🙏 वैसे भी असली गंदगी कहाँ बाहर होती है? मन में जलन, दिमाग़ में टेंशन, और व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी से आया ज्ञान — इन सबका साबुन अभी मार्केट में आया ही नहीं। 🧠📱 तो जब तक ❄️ ठंड है, 🔥 गीजर धोखा दे रहा है, 🛌 रज़ाई प्रेम में है, और 🧘♂️ कबीर दास समर्थन में हैं —

Comments (6)

Rama Devi Sahu
Jan 8, 2026
Good Evening Jii 🌹

Riya Riya 💖💖
Jan 8, 2026
Good evening sister 🌹🙏

Rama Devi Sahu
Jan 8, 2026
Good Evening Jii 🌹❤️🌹

Rama Devi Sahu
Jan 8, 2026
🙏‼️ Om Namo Bhagavate Vasudevaya Namah ‼️🙏 Subha Guruvar 🌹 Shubh Dopahar Jii ‼️🙏

Radhe Radhe
Jan 8, 2026
‼️ॐभगवते वासुदेवाय नमः शुभ गुरुवार दोपहर,वंदन जी‼️

