MyMandirInstall

*🌹हिंदुओं का पवित्र चिह्न स्वास्तिक क्यों है अत्यंत शुभ? जानें इसकी आकृति का रहस्य🌹* 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 *⭕वेदों में स्वास्तिक को सम्पूर्ण जगत का कल्याण करने और अमरत्व प्रदान करने वाला कहा गया है. वैदिक ऋषियों ने अपने आध्यात्मिक अनुभवों के आधार पर कुछ विशेष चिह्नों की रचना की है. स्वास्तिक इन चिह्नों में से ही एक है. स्वास्तिक की चार रेखाओं को चार वेद, चार पुरूषार्थ, चार आश्रम, चार लोक और चार देवों यानी ब्रह्मा, विष्णु, महेश और गणेश से तुलना की गई है. स्वास्तिक को सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. आइए आज आपको स्वास्तिक के बारे में विस्तार से बताते हैं.* *⚜️स्वास्तिक का महत्व* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* धार्मिक रूप से स्वास्तिक महत्वपूर्ण है. स्वास्तिक का अर्थ होता है- कल्याण या मंगल करने वाला. स्वास्तिक एक विशेष आकृति है. स्वास्तिक किसी शुभ या मांगलिक कार्य से पूर्व बनाया जाता है. ये भगवान गणेश का रूप भी माना जाता है. इसके प्रयोग से सम्पन्नता , समृद्धि और एकाग्रता की प्राप्ति होती है. जिस पूजा उपासना में स्वास्तिक का प्रयोग नहीं होता है, वो पूजा लम्बे समय तक अपना प्रभाव नहीं रख पाती है. *⚜️क्यों खास है स्वास्तिक?* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* स्वास्तिक को ब्रह्माण्ड का प्रतीक माना जाता है. इसके मध्य भाग को विष्णु की नाभि और चारों रेखाएं ब्रह्मा के चार मुख, चार हाथ और चार वेद माने जाते हैं. स्वास्तिक की चारों बिंदुएं चारों दिशाओं को दर्शाती हैं. स्वास्तिक को विष्णु का आसन और लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है. स्वास्तिक के चिह्न को भाग्यवर्धक वस्तुओं में गिना जाता है. चंदन, कुमकुम और सिंदूर से बना स्वास्तिक ग्रह दोषों को दूर कर सकता है. *⚜️शुभ और कल्याण का प्रतीक स्वास्तिक* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* स्वास्तिक शब्द को सु और अस्ति का मिश्रण योग माना जाता है. सु का अर्थ है शुभ और अस्ति का अर्थ है- होना. यानि शुभ हो, कल्याण हो. भारतीय संस्कृति में स्वस्तिक को मंगल प्रतीक माना जाता है. इसलिए किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले स्वास्तिक का चिह्न बनाकर उसकी पूजा की जाती है. *⚜️स्वास्तिक के प्रयोग के सही नियम* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* स्वास्तिक की रेखाएं और कोण बिलकुल सही होने चाहिए. भूलकर भी उलटे स्वास्तिक का निर्माण और प्रयोग ना करें. लाल और पीले रंग के स्वास्तिक ही सर्वश्रेष्ठ होते हैं. अगर स्वास्तिक को धारण करना है तो इसके गोले के अन्दर धारण करें. *⚜️मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का प्रयोग* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* लाल और नीले रंग का स्वास्तिक विशेष प्रभावशाली माना जाता है. मुख्य द्वार के दोनों तरफ लाल स्वास्तिक लगाने से वास्तु और दिशा दोष दूर होते हैं. मुख्य द्वार के ऊपर बीचों बीच नीला स्वास्तिक लगाने से घर के लोगों की सेहत ठीक रहती है. *🚩#राम_राम_जी🚩* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 💐💐💐💐💐💐💐💐💐

Post media

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!