
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
308 days ago
*अमृत कलश* 🪯श्री कृष्ण कहते हैं कि सौ बार मंदिर जाओ, हजार बार दीप जलाओ या करोड़ों बार भोजन कराओ,लेकिन अगर आपकी वजह से किसी की आंखों में एक भी बूंद आंसू भी आ जाए तो सब व्यर्थ है 🪯 कहावत है कि रोओ तो अकेले रोओ। हंसो तो संभव है कि कुछ लोग आपके साथ हो लें। पर आप रोएं ही क्यों ? रोना परमात्मा का अपमान है। क्योंकि अस्तित्व रोना जानता ही नहीं। अस्तित्व केवल नृत्य जानता है.. उत्सव जानता है। उसका कसूर भी नहीं है। हंसिये.. फूल, चाँद तारे सभी को अपने साथ हंसता पाएंगे। रोने वाला अकेला रह जाता है। हंसने वाले के साथ सारा अस्तित्व हंसने लगता है। नाचने लगता है
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