
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
139 days ago
जैन धर्म में **'चौविहार'** (Chauvihar) एक अत्यंत महत्वपूर्ण और वैज्ञानिक आधार वाला नियम है। इसका सरल अर्थ है—**सूर्यास्त के बाद और अगले दिन सूर्योदय तक किसी भी प्रकार के भोजन या पानी का त्याग करना।** यहाँ इसके मुख्य पहलुओं को विस्तार से समझाया गया है: ### 1. शाब्दिक अर्थ 'चौविहार' शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है: * **चौ (चार):** आहार के चार प्रकार (अशन, पान, खादिम, स्वादिम)। * **विहार:** त्याग करना या दूर रहना। ### 2. आहार के चार प्रकार जिनका त्याग किया जाता है: जैन शास्त्रों के अनुसार आहार चार श्रेणियों में आता है, चौविहार में इन चारों का त्याग होता है: 1. **अशन:** रोटी, चावल, दाल आदि (मुख्य भोजन)। 2. **पान:** पानी, दूध, जूस आदि (तरल पदार्थ)। 3. **खादिम:** फल, मेवे आदि (सूखा नाश्ता)। 4. **स्वादिम:** मुखवास, इलायची, लौंग आदि (स्वाद के लिए ली जाने वाली चीजें)। ### 3. चौविहार क्यों किया जाता है? (धार्मिक और वैज्ञानिक कारण) * **अहिंसा (Non-violence):** जैन धर्म में अहिंसा सर्वोपरि है। सूर्यास्त के बाद वातावरण में सूक्ष्म जीव (micro-organisms) तेजी से पनपने लगते हैं। अंधेरे में भोजन बनाने या करने से इन जीवों की अनजाने में हिंसा होने की संभावना रहती है। * **स्वास्थ्य (Health):** आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान भी मानते हैं कि सोने से कम से कम 3-4 घंटे पहले भोजन कर लेना चाहिए। सूर्यास्त तक हमारी जठराग्नि (digestion fire) तीव्र होती है, जिससे भोजन आसानी से पच जाता है। रात में पाचन तंत्र को आराम मिलने से शरीर स्वस्थ रहता है। * **संयम (Self-discipline):** यह व्यक्ति को अपनी इंद्रियों और भूख पर नियंत्रण रखना सिखाता है, जो आध्यात्मिक उन्नति के लिए आवश्यक है। ### 4. चौविहार के प्रकार मुख्यतः इसे दो रूपों में देखा जाता है: 1. **नियम के रूप में:** कई लोग इसे आजीवन नियम के रूप में अपनाते हैं। 2. **तप के रूप में:** उपवास या विशेष तिथियों (जैसे पर्युषण या अष्टमी/चतुर्दशी) पर चौविहार किया जाता है। **निष्कर्ष:** चौविहार केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह **"जल्दी खाओ, स्वस्थ रहो"** के सिद्धांत पर आधारित एक अनुशासित जीवनशैली है। जो लोग पानी का त्याग नहीं कर पाते, वे सूर्यास्त के बाद केवल पानी की छूट रखते हैं, जिसे 'तिविहार' कहा जाता है।
Comments (2)

Rama Devi Sahu
Apr 12, 2026
Jai Jinendra 🙏 Shubha Ratri Jii 🙏🌹🌹

Radhe 🌹
Apr 12, 2026
Radhe Radhe Ji 🙏🌷 Good Night Ji 🙏
