
SHREE SHARMA
117 days ago
#भगवती #दुर्गा (#तारा) ही भगवान श्री राम के रूप में #अवतरित हुई (संदर्भ: #मुंडमाला #तंत्र, ) : साक्षात् #भगवान #कृष्ण '#कालिका' (#काली) हैं और #प्रभु #श्रीराम का स्वरूप 'तारिणी' (भगवती तारा) है। इसी प्रकार भगवान #वराह #बगलामुखी हैं और #नृसिंह भगवान #भैरवी हैं। तन्त्र शास्त्र के अनुसार, दसों अवतार दसमहाविद्याओं के ही प्रकट रूप हैं। अद्वैत संबंध: #वशिष्ठ ने 'योग वशिष्ठ' में जिस 'तारक ब्रह्म' (#राम) का उपदेश दिया है, वही 'तारा' शक्ति तंत्र में भी वर्णित है। 'तारा' शब्द का अर्थ है "तरियाति इति तारा" (जो संसार को सागर पार ले जाता है)। भगवान राम के नाम को '#तारकमंत्र' भी कहा जाता है। : वसिष्ठ #संहिता के अनुसार, राम '#शक्तिमान' हैं और तारा उनकी '#शक्ति' हैं। जिस प्रकार #सूर्य और उसकी #प्रभा अलग नहीं हो सकते, उसी प्रकार राम और तारा एक ही तत्व के दो नाम हैं। : प्रभु राम 'राम-नाम' के माध्यम से जीवों का उद्धार करते हैं, और भगवती तारा अपनी 'नील #सरस्वती' शक्ति से अज्ञान का नाश कर मोक्ष प्रदान करती हैं। सन्दर्भः टोडल तन्त्र, प्रथम पटल) : अर्थः भगवती तारा साक्षात् श्री राम का स्वरूप हैं और कालिका श्री कृष्ण का स्वरूप हैं। भगवती षोडशी (#श्रीविद्या) #विष्णु के हृदय में स्थित उनकी मूल शक्ति हैं। संदर्भ: शक्ति संगम तंत्र, तारा खंड) : अर्थः श्री राम विग्रहवान (#साकार) धर्म हैं और तारा परा-धर्ममयी शक्ति हैं। इन दोनों में दो समानताएं मुख्य हैं- प्रथम, दोनों का 'नील वर्ण' (नीला रंग) होना और द्वितीय, दोनों का 'तारकत्व' (संसार से तारने वाला गुण) तारा तन्त्र' के अनुसार, वसिष्ठ जी ने 'चिनाचार' विधि से भगवती तारा को प्रसन्न किया था। भगवती ने उन्हें वरदान दिया कि वे उनके कुल (इक्ष्वाकु वंश) में पुत्र रूप में अवतरित होकर धर्म की स्थापना करेंगी। : तन्त्र के अनुसार, जब भगवती तारा 'पुरुष' रूप धारण करती हैं, तो वे 'राम' कहलाती हैं। भगवान शिव ही राधा हैं और भगवती पार्वती ही श्रीकृष्ण हैं (महाभागवत) इसलिए रामायण #श्रीरामचरितमानस, श्रीमद्भागवत, गीता सबके लिए पालनीय और माननीय हैं चाहे आप किसी की भी उपासना करते हों। भागवद्विग्रहों में भेद मानने वाला मुर्ख, नास्तिक और महापापी होता है। सनातन हिन्दू संस्कृति के अनेकवाद में एकवाद है और एकवाद में अनेकवाद है।

Comments (1)

Rama Devi Sahu
May 5, 2026
"दर्द "एक संकेत है कि आप जिंदा हो। "समस्या" एक संकेत है कि आप मजबूत हो. "प्रार्थना "एक संकेत है कि आप अकेले नही हो जीवन के तीन मंत्र... *आंनद * मे वचन "क्रोध मे उतर मत दीजिए और *दुख* मे निर्णय मत लीजिए। न म न सुप्रभात सत्यम
