
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
170 days ago
13.3.2026 संसार में आज तक ऐसा एक भी व्यक्ति नहीं हुआ, जिसने जन्म लिया हो और दुख समस्याओं या परेशानियों से बच गया हो। *"अर्थात सबको यहां दुख समस्याएं और परेशानियों का सामना करना ही पड़ता है।"* परंतु वे दुख परेशानियां या समस्याएं सदा नहीं रहतीं। आती रहती हैं और चली जाती हैं।बीच-बीच में सुख भी आता रहता है, इसीलिए व्यक्ति अपना जीवन कुछ ठीक प्रकार से जी लेता है। सार यह हुआ, कि *"जीवन में सुख भी आता है और दुख भी आता है। न तो सुख सदा रहता है, और न ही दुख। सब कुछ अस्थाई है।"* *"इसलिए जब जीवन में सुख आए, तो बहुत नाचना कूदना नहीं चाहिए। क्योंकि सुख के समय आप जितना नाचेंगे कूदेंगे, उतना ही आपको दुख आने पर रोना धोना पड़ेगा। तब उतनी ही अधिक परेशानी भी होगी। तब उसे सहन करना कठिन पड़ेगा।"* *"यदि आप दुख आने पर अधिक परेशान होना नहीं चाहते, तो सुख आने पर अधिक नाचें कूदें भी नहीं। यही संसार में ठीक ढंग से जीने का रहस्य है।" "जो लोग इस रहस्य को जानते हैं, वे इसी प्रकार से जीवन जीते हैं, कभी तनाव ग्रस्त नहीं होते। चिंतित या परेशान नहीं होते, और सदा प्रसन्न रहते हैं।"* *"आपको भी यदि यह बात समझ में आ गई हो, तो आप भी ऐसा करने का प्रयास करें। आप भी तनाव मुक्त होकर आनन्दित जीवन जी सकेंगे।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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