
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
1 day ago
शुभ प्रभात जी 🙏🌹🚩🇮🇳 आपका आज का दिन अत्यंत मंगलमय और ऊर्जावान हो। भगत सिंह पर लिखी यह पंक्तियाँ सचमुच रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं। उन्होंने स्वयं कहा था कि व्यक्तियों को कुचला जा सकता है, विचारों को नहीं। आपकी यह पंक्ति—*"वो लौ को राह नहीं दिखाता, वो खुद रौशनी है"*—उनके उस अदम्य चिंतन को बहुत ही सुंदर और गहरे अर्थों में समेटती है। जब तक समाज में सवाल पूछने का साहस और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का जज़्बा ज़िंदा है, तब तक भगत सिंह हर विचारशील मन में धड़कते रहेंगे। सुबह की शुरुआत के लिए यह एक बेहद प्रेरक और ओजस्वी रचना है।

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