
SHREE SHARMA
130 days ago
तमिलनाडु के कराइकल में जन्मी पुनितवती बचपन से ही भगवान शिव की परम भक्त थीं। उनका विवाह एक धनी व्यापारी परमदत्त से हुआ। वे एक आदर्श पत्नी थीं, लेकिन उनका मन हमेशा शिव चरणों में रहता था। एक दिन उनके पति ने घर पर दो आम भेजे। उसी समय एक भूखा साधु (जो स्वयं शिव का रूप थे) द्वार पर आया। पुनितवती ने श्रद्धावश एक आम साधु को खिला दिया। जब पति भोजन करने आया और दूसरा आम मांगा, तो पुनितवती संकट में पड़ गईं। उन्होंने महादेव का स्मरण किया और चमत्कारिक रूप से उनके हाथ में एक दिव्य आम आ गया। वह आम इतना स्वादिष्ट था कि पति समझ गया कि यह साधारण नहीं है। जब पति को उनकी दिव्य शक्तियों का आभास हुआ, तो वह उनसे डरने लगा और उन्हें 'देवी' मानकर छोड़ दिया। पुनितवती को जब यह पता चला, तो उन्होंने महादेव से प्रार्थना की: "हे प्रभु, अब जब मेरे पति ने मुझे त्याग दिया है, तो मुझे इस सुंदर शरीर की आवश्यकता नहीं है। मुझे ऐसा रूप दे दो कि मैं केवल आपकी भक्ति कर सकूँ।" महादेव की कृपा से उनका सुंदर शरीर एक अस्थिपंजर जैसा हो गया। वे इसी रूप में शिव की स्तुति गाते हुए कैलाश पर्वत की ओर चल पड़ीं। जब वह कैलाश पहुँचीं, तो उन्होंने सोचा कि महादेव की पवित्र भूमि पर पैर रखना पाप है, इसलिए वे अपने हाथों के बल (सिर के बल) चढ़ने लगीं। माता पार्वती ने आश्चर्य से पूछा, "हे स्वामी! यह भयानक रूप वाली महिला कौन है जो इस तरह पहाड़ चढ़ रही है?" तब महादेव ने बड़े गर्व और प्रेम से उत्तर दिया, "देवी, यह मेरी 'अम्मा' (माँ) हैं।" महादेव उनके पास आए और उन्हें उठाकर प्रेम से 'अम्मा' कहकर पुकारा। उन्होंने पुनितवती से वरदान मांगने को कहा, जिस पर उन्होंने केवल यही मांगा कि वे सदा शिव के चरणों में रहकर उनकी भक्ति के गीत गाती रहें।

Comments (4)

Saumya Sharma
Apr 27, 2026
हर हर महादेव 🙏 जय शिव शक्ति 🙏 बहुत ही सुन्दर कथा 👌👌👌 ये कथा मुझे पता नहीं थी,awesome 👌👌 बाबा भोलेनाथ और मां आदिशक्ति भवानी जी की कृपा आप सपरिवार पर सदैव ही बनी रहे 🙏 इसी शुभकामना के साथ शुभ रात्रि विश्राम भाई जी 🙏🌹☺️

Riya Riya 💖💖
Apr 23, 2026
Har Har Mahadev 🕉️🔱🙏 Good Morning Ji 🙏🙏

बरखा शर्मा
Apr 22, 2026
HAR HAR MAHADEV GOOD NIGHT JI🙏🌹
