
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
183 days ago
28.2.2026 व्यक्ति की उन्नति अथवा पतन के अनेक कारण हैं। जिनमें से पांच मुख्य हैं। वे इस प्रकार से हैं। पहला कारण -- *"प्रत्येक व्यक्ति के पूर्व जन्मों के अच्छे बुरे संस्कार होते हैं। यदि उसके पूर्व जन्मों के संस्कार अच्छे होंगे, तो उस व्यक्ति की उन्नति अच्छी होगी। और यदि उसके संस्कार बुरे होंगे, तो उसका पतन होगा।"* दूसरा कारण -- *"वह इस जन्म में कैसा पुरुषार्थ करता है, इस पर आधारित है, कि उसकी उन्नति होगी या पतन होगा।"* तीसरा कारण है -- *"माता द्वारा दिए गए संस्कार। जिस बच्चे को माता अच्छे संस्कार देती है। उसको प्रेम पूर्वक सिखाती समझाती है, तर्क और बुद्धि से सब बातों का प्रशिक्षण देती है, उस पर अनेक वर्षों तक समय लगाकर तपस्या करती है। उस व्यक्ति का विकास अच्छा होता है। जैसे माता कौशल्या जी ने श्री रामचंद्र जी महाराज को अच्छे संस्कार दिए।" "जो माता ऐसा नहीं करती, उसके बच्चे का विकास अच्छा नहीं हो पाता। जैसे आजकल की बहुत सी माताएं बच्चों को अच्छे संस्कार नहीं दे पा रही। वे अपनी नौकरी व्यापार करने खाने-पीने फैशन और भोग विलास में लगी हुई हैं। इसलिए उनके बच्चे अच्छे नहीं बन पा रहे।"* इसी प्रकार से चौथा कारण है -- *"बच्चे का पिता। माता के समान पिता भी यदि बच्चे को अच्छे संस्कार अच्छा प्रशिक्षण देता है। अच्छाई की ओर प्रेरित करता है, बुराई से बचाता है, और उसकी सब उचित इच्छाएं पूरी करता है, अनुचित नहीं। तो उस व्यक्ति या बच्चे का विकास अच्छा होता है अन्यथा नहीं।"* और पांचवा मुख्य कारण है -- *"बच्चों के गुरु आचार्य शिक्षक अध्यापक उपदेशक। यदि वे बच्चे को अच्छा बनाते हैं, उस पर परिश्रम करते हैं। तो बच्चा अच्छा बन सकता है।" "और यदि अध्यापक शिक्षक लोग उस पर पुरुषार्थ नहीं करते, और बस किताब पढ़ाकर छोड़ देते हैं, उसके चरित्र का विकास नहीं करते, तो उस व्यक्ति का भी विकास ठीक से नहीं हो पाएगा।"* *"इस प्रकार से मनुष्य की उन्नति होने के लिए ये पांच बड़े-बड़े कारण हैं।" "यदि ये किसी व्यक्ति को अच्छे मिल जाएं, अनुकूल हों, तो उसकी उन्नति बहुत अच्छी होगी। और यदि ये पांच मुख्य कारण उसके प्रतिकूल हों, तो उसका पतन हो जाएगा, उसकी उन्नति होना बहुत कठिन है। कुछ अन्य गौण कारण भी हैं उनकी चर्चा फिर कभी करेंगे।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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