
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
108 days ago
14.5.2026 संसार में कुछ बातें सच्ची होती हैं और कुछ झूठी। *"जो घटनाएं आप आंख से देखते हैं, उनमें अधिकांश सच्ची होती हैं। परंतु यदि कोई व्यक्ति लापरवाही करे, तो आंख से देखकर भी उसे भ्रांति हो जाती है।"* इसी प्रकार से कान से सुनी हुई बातें भी सच्ची झूठी होती हैं। उन बातों के विषय में तो बहुत अधिक परीक्षा करनी पड़ती है, तभी सत्य और झूठ का पता चलता है। जहां जहां आप कुछ घटनाएं अपनी आंख से स्वयं देख लेते हैं, वहां बहुत सी बातें या घटनाएं सच्ची होती हैं। परंतु वहां भी सावधान रहें, कि कहीं लापरवाही से देखने पर आपको भ्रांति न हो जाए। *"जैसे सड़क पर एक लड़का और एक लड़की जा रहे हों। तो उन्हें देख कर लोगों को प्रायः भ्रांति हो जाती है, कि ये जो लड़का लड़की जा रहे हैं, इनका आपस में क्या संबंध है? वे प्रेमी भी हो सकते हैं। सगे भाई बहन भी हो सकते हैं, अथवा बहन कोई चाचा की मामा की बेटी भी हो सकती है। इसलिए आंख से देखकर भी बहुत सावधानी का प्रयोग करना चाहिए।"* और जो बातें आप कान से सुनते हैं, उनमें तो बहुत ही अधिक सावधानी रखनी चाहिए। क्योंकि उनमें बहुत सी बातें झूठी होती हैं। *"लोग जोश में आकर बढ़ा चढ़ा कर नमक मसाला लगाकर बातें सुनाते हैं। इसलिए उन सुनी हुई बातों की वास्तविकता कुछ और होती है, और जब तक वे बातें आप तक पहुंचती हैं, तब तक वे कुछ और ही हो जाती हैं।"* *"इसलिए जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति के बारे में आपको कोई बात सुनाए, तो उसे यूं ही बिना परीक्षा किए न मान लें। उसकी पूरी परीक्षा करें। और उन बातों पर ही अधिक विश्वास करें, जो घटनाएं उस व्यक्ति के संबंध में आपने स्वयं देखी हों।" "तभी आप भ्रांतियों से बच पाएंगे। झूठी बातों को मानकर होने वाली हानियों से बच पाएंगे, और गुणवान व्यक्तियों से ठीक-ठीक लाभ ले पाएंगे।"* *"यदि आपने बिना परीक्षा किए किसी व्यक्ति की बातों पर विश्वास कर लिया, तो जिसके संबंध में आपने बातें सुनीं, उसके विषय में आपको भ्रांति हो सकती है। और हो सकता है आप उससे अपना संबंध भी तोड़ दें। तब उस अच्छे व्यक्ति से जो जीवन भर आपको लाभ मिल सकता था, हो सकता है आप उसे भी खो दें। इसलिए ऐसा न करें। सब काम सावधानी से करें।"* *"यदि आप इन कार्यों में सावधानी का प्रयोग करेंगे, तो अच्छे लोगों के साथ आपके संबंध जीवन भर सच्चे और मधुर बने रहेंगे, तथा आप उनसे बहुत सा लाभ ले पाएंगे।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

Comments (2)

Rama Devi Sahu
May 14, 2026
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे 🙏

सविता
May 14, 2026
Radhe radhe 🙏🌹
