
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
166 days ago
यह सुनने में किसी डरावनी फिल्म की कहानी जैसा लगता है, लेकिन प्रकृति में यह वास्तव में होता है। आप शायद 'टारेंटयुला हॉक' (Tarantula Hawk) या इसी तरह की 'पैरासिटॉइड वास्प' (Parasitoid Wasp) प्रजातियों की बात कर रहे हैं। यह प्रक्रिया जितनी दिलचस्प है, उतनी ही खौफनाक भी। यहाँ बताया गया है कि यह "दिमाग पर कब्ज़ा" कैसे काम करता है: 1. सटीक सर्जिकल स्ट्राइक ततैया मकड़ी को मारता नहीं है, बल्कि उसे पंगु (Paralyze) कर देता है। वह मकड़ी के शरीर के उन तंत्रिका केंद्रों (Nerve centers) पर डंक मारता है जो उसकी हलचल को नियंत्रित करते हैं। 2. 'ज़ोंबी' मोड कुछ प्रजातियों में, ततैया मकड़ी के दिमाग में खास रसायन छोड़ता है। इससे मकड़ी अपनी इच्छाशक्ति खो देती है। वह जीवित तो रहती है और चल भी सकती है, लेकिन वह वही करती है जो ततैया चाहता है। वह खुद को बचाने की कोशिश भी नहीं करती। 3. जीवित भोजन (The Dark Ending) ततैया मकड़ी को खींचकर एक बिल में ले जाता है और उसके पेट पर अपना अंडा दे देता है। * जब अंडे से लार्वा निकलता है, तो वह मकड़ी को जिंदा खाना शुरू करता है। * वह सबसे पहले गैर-जरूरी अंगों को खाता है ताकि मकड़ी लंबे समय तक जीवित रहे और मांस ताज़ा बना रहे। क्या आप जानते हैं? एक खास तरह का ततैया (Hymenoepimecis argyraphaga) तो मकड़ी से अपना पसंदीदा जाला तक बुनवाता है, ताकि उसका कोकून सुरक्षित रह सके। जाला पूरा होने के बाद ही वह मकड़ी को पूरी तरह खत्म करता है। प्रकृति कभी-कभी बहुत क्रूर हो सकती है, है न? प्रकृति की यह "ज़ोंबी दुनिया" वास्तव में विज्ञान और विकास (Evolution) का एक अद्भुत और थोड़ा डरावना हिस्सा है। ततैया और मकड़ी के अलावा, एक और बहुत मशहूर उदाहरण 'कॉर्डीसेप्स' (Cordyceps) फंगस का है, जो चींटियों के साथ कुछ ऐसा ही करता है। यहाँ कुछ और चौंकाने वाले उदाहरण दिए गए हैं जहाँ परजीवी (Parasites) दूसरे जीवों के दिमाग को नियंत्रित करते हैं: 1. जॉम्बी चींटियाँ (Ophiocordyceps) यह एक फंगस (कवक) है जो चींटी के शरीर में घुस जाता है। * दिमाग पर कब्ज़ा: यह चींटी के दिमाग को आदेश देता है कि वह अपनी कॉलोनी छोड़कर किसी ऊँचे पौधे या पत्ती पर चढ़ जाए। * अंतिम पकड़: चींटी पत्ती की नस को अपने जबड़ों से मजबूती से पकड़ लेती है (Death Grip) और वहीं मर जाती है। * प्रजनन: चींटी के सिर से फंगस का एक डंठल निकलता है और हवा में बीजाणु (Spores) छोड़ता है, ताकि नीचे से गुजरने वाली दूसरी चींटियाँ भी इसकी चपेट में आ सकें। 2. घोंघा और 'डिस्को' आँखें (Leucochloridium) एक परजीवी कीड़ा घोंघे (Snail) के अंदर घुसकर उसकी आँखों के टेंटेकल्स को रंगीन और धड़कने वाला बना देता है। * व्यवहार में बदलाव: घोंघे आमतौर पर अंधेरे में रहना पसंद करते हैं, लेकिन संक्रमित होने पर वे जानबूझकर रोशनी और ऊँची जगहों पर जाते हैं। * मकसद: वह पक्षियों को आकर्षित करना चाहता है। पक्षी घोंघे की आँखों को इल्ली (Caterpillar) समझकर खा जाते हैं, और इस तरह परजीवी पक्षी के पेट में पहुँच जाता है। 3. चूहों का 'बहादुर' बनना (Toxoplasma gondii) यह सूक्ष्म जीव चूहों के दिमाग में जाकर उनके डर को खत्म कर देता है। * बदलाव: चूहा बिल्ली की गंध से डरने के बजाय उसकी ओर आकर्षित होने लगता है। * नतीजा: बिल्ली चूहे को खा जाती है, जो इस परजीवी के जीवन चक्र को पूरा करने के लिए ज़रूरी है। ये उदाहरण दिखाते हैं कि जीवित रहने की होड़ में प्रकृति ने कितने जटिल (Complex) तरीके विकसित किए हैं।
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