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SHREE SHARMA

38 days ago

कटाक्षे दयार्द्रां करे ज्ञानमुद्रां कलाभिर्विनिद्रां कलापैः सुभद्राम् । पुरस्त्रीं विनिद्रां पुरस्तुङ्गभद्रां भजे शारदाम्बामजस्रं मदम्बाम् ॥ हिंदी अर्थ मैं अपनी माता माँ शारदा (सरस्वती) की निरंतर उपासना करता हूँ, जिनकी करुणा से भरी हुई दृष्टि (कटाक्ष) सदैव भक्तों पर बनी रहती है। उनके करकमलों में ज्ञानमुद्रा सुशोभित है, जो आत्मज्ञान, विवेक और सत्य का उपदेश देती है। वे समस्त विद्याओं, कलाओं और श्रेष्ठ गुणों से पूर्ण हैं तथा अपने दिव्य तेज से सदैव जाग्रत और मंगलमयी रहती हैं। वे समस्त संसार का कल्याण करने वाली, शुभता प्रदान करने वाली और अपने भक्तों का मार्गदर्शन करने वाली करुणामयी माँ हैं। ऐसी माँ शारदा को मैं बार-बार प्रणाम करता हूँ। 🙏 सरल भावार्थ यह श्लोक माँ शारदा के ज्ञान, करुणा और कलाओं की अधिष्ठात्री स्वरूप का वर्णन करता है। उनकी कृपादृष्टि से अज्ञान दूर होता है, बुद्धि निर्मल होती है और जीवन में विवेक, विद्या तथा सद्गुणों का विकास होता है। 🌺 संदेश माँ शारदा की कृपा से केवल विद्या ही नहीं, बल्कि सही सोच, विनम्रता और जीवन का विवेक भी प्राप्त होता है। जो श्रद्धा से उनका स्मरण करता है, उसके जीवन में ज्ञान का प्रकाश और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।

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Comments (2)

My Mandir  good by

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Jul 23, 2026

shub ratri ji Radhe Radhe 🙏

बरखा शर्मा

बरखा शर्मा

Jul 23, 2026

🌹Jay Shri Mata Saraswati 🌹