
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
170 days ago
समुद्र मंथन के 14 रत्न (क्रमशः): 1 कालकूट विष: सबसे पहले निकला यह घातक विष भगवान शिव ने पी लिया और नीलकंठ कहलाए। 2 कामधेनु गाय: इच्छाओं को पूरा करने वाली दिव्य गाय। 3 उच्चैःश्रवा घोड़ा: सात सिरों वाला दिव्य घोड़ा। 4 ऐरावत हाथी: इंद्र का वाहन, सफेद हाथी। 5 कौस्तुभ मणि: भगवान विष्णु द्वारा धारण की गई श्रेष्ठ मणि। 6 कल्पवृक्ष: इच्छा पूरी करने वाला दिव्य वृक्ष। 7 रंभा अप्सरा: एक सुंदर अप्सरा। 8 महालक्ष्मी: धन और समृद्धि की देवी। 9 वारुणी (मदिरा): मदिरा की देवी, असुरों को प्राप्त हुई। 10 चंद्रमा: भगवान शिव ने अपने मस्तक पर धारण किया। 11 पारिजात वृक्ष: एक दिव्य सुगंधित वृक्ष। 12 पांचजन्य शंख: भगवान विष्णु का शंख। 13 भगवान धनवंतरी: आयुर्वेद और चिकित्सा के जनक, अमृत कलश के साथ। 14 अमृत: अमरता का पेय, जिसे लेकर देव और दानवों में युद्ध हुआ ।

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