
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
3 days ago
जय माता दी! 🙏 शुभ प्रभात जी 🙏 आपका दिन शुभ और मंगलमय हो। मां दुर्गा की सवारी शेर (या बाघ) होने के पीछे गहरे आध्यात्मिक, पौराणिक और प्रतीकात्मक कारण हैं: **आध्यात्मिक व प्रतीकात्मक कारण** * **इंद्रियों और मन पर नियंत्रण:** शेर को जंगल का सबसे शक्तिशाली, उग्र और आक्रामक जीव माना जाता है। यह अनियंत्रित शक्ति, क्रोध, अहंकार और पाशविक प्रवृत्तियों का प्रतीक है। मां दुर्गा का शेर पर सवार होना दर्शाता है कि जो व्यक्ति अपने क्रोध, भय और अहंकार को वश में कर लेता है, शक्ति उसी के अधीन होती है। * **असीम शक्ति और निर्भयता:** मां दुर्गा 'शक्ति' का साक्षात स्वरूप हैं। शेर की निर्भीकता और उसका बल यह स्पष्ट करता है कि दैवीय शक्ति के समक्ष कोई भी नकारात्मक या आसुरी शक्ति टिक नहीं सकती। **पौराणिक प्रसंग (शिव पुराण के अनुसार)** पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब माता पार्वती भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या कर रही थीं, तब वहां एक भूखा शेर उन्हें अपना शिकार बनाने के उद्देश्य से आया। माता के तप के तेज के कारण वह उन पर हमला नहीं कर सका और वहीं चुपचाप बैठकर उनके उठने की प्रतीक्षा करने लगा। इस दौरान माता की तपस्या वर्षों तक चली और वह शेर भी बिना कुछ खाए-पिए वहीं डटा रहा। जब माता की तपस्या पूर्ण हुई, तो उन्होंने देखा कि उस शेर ने भी अनजाने में उनके साथ वर्षों तक एक कठोर तपस्वी की तरह समय बिताया है। माता पार्वती उसकी इस अनपेक्षित तपस्या और धैर्य से प्रसन्न हुईं और उन्होंने उसे अपने वाहन के रूप में स्वीकार कर लिया।
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