
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
23 hours ago
26.10.2026 कुछ लोग यूं ही उदास निराशा रहते हैं। उन्हें लगता है, कि *"उनमें कोई योग्यता नहीं है। वे जीवन में कोई उन्नति नहीं कर पा रहे।"* परंतु ऐसा नहीं है। *"प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में उन्नति और विकास होता रहता है। वह अपने विकास को देख नहीं पाता। समझ नहीं पाता, इसलिए वह निराश और उदास रहता है।"* उसे देखने का तरीका यह है, कि *"आज से 5 वर्ष पहले आपकी कितनी योग्यता थी और आज कितनी हो गई।"* यदि आप निष्पक्ष भाव से इन दोनों की तुलना करें, तो आपको पता चल जाएगा, कि *"आपने अपने जीवन में बहुत कुछ उन्नति और विकास किया है। बहुत सी उपलब्धियां प्राप्त की हैं। उनको देखने से आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा, और फिर आप पूरे उत्साह से जीवन में आगे पुरुषार्थ एवं उन्नति/प्रगति करेंगे।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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