
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
3 days ago
जय श्री राधे कृष्णा जी 🙏 शुभ संध्या जी 🙏 यह विचार जीवन की एक बहुत गहरी और कड़वी सच्चाई को बड़ी सादगी से बयां करता है। जब इंसान यह समझ लेता है कि सुख और उत्सव में भीड़ का जुटना और दुख की घड़ी में खुद का ही एकमात्र सहारा बनना प्रकृति का स्वाभाविक नियम है, तब मन से सारी अपेक्षाएं और शिकायतें अपने आप मिट जाती हैं। अपेक्षाएं ही दुख का मूल कारण हैं; जब हम दुनिया से परवाह की उम्मीद छोड़ देते हैं, तो चित्त शांत और आत्मनिर्भर हो जाता है। आपका दिन शुभ और मंगलमय हो!

Comments (2)

Nagar mal agarwal
Sep 17, 2026
जय जय श्री राधे कृष्णा हरे हरे

Ramesh chand
Sep 17, 2026
पोस्ट में बहुत अच्छी बात लिखा गया है ❤️Bhai LalSingh ji 🙏
