
Rama Devi Sahu
67 days ago
Nirjala ekadashi vrat निर्जला एकादशी व्रत एकादशी का महत्व: वीडियो में बताया गया है कि ज्येष्ठ मास की निर्जला एकादशी सभी एकादशियों में सबसे बड़ी है और यह अकेली ही सभी एकादशियों का पुण्य देने वाली है। वेदव्यास जी के अनुसार, चाहे सूतक (जन्म या मरण) का समय हो या पातक हो, किसी भी परिस्थिति में इस एकादशी का त्याग नहीं करना चाहिए। जल न पीने के नियम: लोगों के मन में भ्रम रहता है कि रात्रि को, 12 बजे के बाद या ब्रह्म मुहूर्त के बाद कब से जल नहीं पीना चाहिए। शास्त्र और पुराणों के अनुसार इस व्रत में जल कब से और कितने समय तक नहीं पीना है, इसके सही नियमों की जानकारी दी गई है। तिथि और मुहूर्त: * एकादशी तिथि की शुरुआत 24 जून को शाम 6:06 बजे से हो रही है और यह 25 जून को सुबह 8:09 बजे समाप्त होगी। चूंकि 25 जून को सूर्योदय के समय एकादशी तिथि रहेगी, इसलिए 25 जून को ही निर्जला एकादशी का व्रत किया जाएगा। पूजा के लिए शुभ समय सुबह 5:30 बजे से 7:00 बजे तक रहेगा। जागरण और पारण: व्रत के दौरान रात्रि काल में जागरण करना बेहद कल्याणकारी माना गया है (कम से कम रात 2 बजे तक भगवान का ध्यान या पाठ करना चाहिए)। अगले दिन सूर्योदय से पहले उठकर, स्नान आदि करने के बाद विधि-विधान से पारण (व्रत खोलना) किया जाता है।

Comments (8)

Rama Devi Sahu
Jun 24, 2026
🙏‼️ Om Shree Paramatmane Namah ‼️🙏 Bhagwan ki Aasirbad se Aap ka Ratri Sukhd or Mangalmay Ho 🌹🌹

Rama Devi Sahu
Jun 24, 2026
Ji Shukriya 🌹 Mujhe Avgat karne ke liye....Hari Om Tat Sat...

Rama Devi Sahu
Jun 24, 2026
Ji han,

Shah 🩷
Jun 24, 2026
राधे राधे🌹 इसमें तिथि और मूरत 2024 का है? सोमवार और मंगलवार है अभी 2026 साल चल रहा है😮😲

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Jun 24, 2026
bina pani ka ?

Rama Devi Sahu
Jun 24, 2026
Ji han, Mai bhi Ekadashi Vrat krti hu...., Aap ka Ratri Shubh Mangalmay Ho 🌹 Radhey Radhey Jii 🌹🌹

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Jun 24, 2026
मैं कर रहा हूँ, क्या आप भी कर रहे हैं? शुभ संध्या/रात्रि, क्या आप जल्द ही मिलेंगे?

