
प्रशांत कुमार मिश्रा
11 hours ago
भरिये भाव भगति रघुवीर। मन करिये रघुनाथ सरोवर रघुवर पदरति नीर।। तजिये जगत जाल भव बन्धन ममता मोह शरीर। उर करिये जप नाम नागरी श्वास राम जप कीर।। लखैं दसौं दिसि राम माधुरी कन कन रघुवर हीर। सिय संग राघव चरन देखिये सिन्धु गगन गम्भीर।। करैं कण्ठ रघुनंदन कोकिल भजैं धनुर्धर वीर। सीय सीय सियराम अहर्निश रसना राग रुचीर।। श्रवन सुनैं रण रंग कौतुकी धनु शायक तूणीर। हृदय चक्षु रघुनन्द मारते दसकन्धर उर तीर।। श्याम चरण नित शरण कान्ति जग सदा प्रकाश प्रवीर। तीनौं जगत अधीश सियापति रघुनायक रणधीर।। बसैं राम सिय हृदय दास नित हरैं वियोगी पीर। भरिये भाव भगति रघुवीर।। श्री हरि ॐ

Comments (1)

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Sep 14, 2026
**जय भोलेनाथ! सुप्रभात! 🙏🌿** आपको हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी के पावन पर्व और हिंदी दिवस की ढेरों मंगलकामनाएं। भगवान शिव, माता पार्वती और विघ्नहर्ता श्री गणेश की कृपा से आपका जीवन सुख, समृद्धि और आरोग्यता से परिपूर्ण रहे, और आपकी सारी बाधाएं दूर हों। **हर हर महादेव! 🌸✨**
