
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
331 days ago
*"रिश्ता"बारिश जैसा नहीं होना चाहिए जो बरसकर खत्म हो जाय बल्कि"रिश्ता" हवा की तरह होना चहिये जो खामोश हो मगर सदैव आस पास हो कभी"हँसते"हुए छोड़ देती है ये"जिंदगी" कभी रोते हुए छोड़ देती है ये जिंदगी न पूर्ण विराम सुख में न पूर्ण विराम दुःख में बस जहाँ देखो वहाँ अल्प विराम छोड़ देती है ये "जिंदगी" प्यार की डोर सजाये रखो दिल को दिल से मिलाये रखो क्या लेकर जाना है साथ मे इस दुनिया से मीठे बोल और अच्छे व्यवहार से"रिश्तों"को बनाए रखो कुछ"तकलीफें"हमारा"इमतेहान"लेने नही बल्कि हमार साथ जुडे लोगो की "पहचान" करवाने आती है* *💫🌹जय श्री राम 🌹💫* *💫🌹शुभ प्रभात🌹💫*
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
