
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
2 days ago
*शास्त्रों के अनुसार मंदिर में खड़े खड़े दर्शन करना ग़लत है। आइए जानते हैं कैसे।* *मंदिर जाकर बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे खड़े-खड़े दर्शन करते है। जबकि शास्त्रों के अनुसार यह गलत है।* *इसलिए मंदिर जाएं तो यह ध्यान रखें कि मंदिर में भगवान के दर्शन हमेशा बैठकर करें। साथ ही दर्शन करते समय यह ध्यान रखें सबसे* *पहले मूर्ति के चरणों को देखें नतमस्तक होकर प्रार्थना करें।* *फिर देवता के वक्ष पर, अर्थात् अनाहतचक्र पर मन एकाग्र करें व अंत में देव मूर्ति के नेत्रों की देखें व उनके रूप को अपने नेत्रों में बसाएं।* *मंदिर में कुछ भी मांगने या प्रार्थना करते समय दान लेने की, क्षमा याचना या आशीर्वाद लेने की अवस्था में बैठकर प्रार्थना करें।* *इससे आपकी हर मनोकामना तो शीघ्र ही पूरी होगी। साथ ही मंदिर जाने के पूर्ण सकारात्मक परिणाम भी मिलने लगेंगे।* *हे परमात्मा आप की असीम कृपा मुझ पर बरस रही है मैं आप को प्रणाम करता हूँ ।* *🔸 जरा सोचिये हमने क्या किया ?* *1. चोटियां छोड़ी ,* *2. टोपी, पगड़ी छोड़ी ,* *3. तिलक, चंदन छोड़ा* *4. कुर्ता छोड़ा ,धोती छोड़ी ,* *5. यज्ञोपवीत छोड़ा ,* *6. संध्या वंदन छोड़ा ।* *7. रामायण पाठ, गीता पाठ छोड़ा ,* *8. महिलाओं, लडकियों ने साड़ी छोड़ी , दुपट्टा, चुनरी छोड़ी।* *9. पैसे के लिये, बच्चे छोड़े (आया पालती है)* *10. संस्कृत छोड़ी , हिन्दी छोड़ी ,* *11. श्लोक छोडे, लोरी छोड़ी ।* *12. बच्चों के सारे संस्कार (बचपन के) छोड़े ,* *13. सुबह शाम मिलने पर राम राम छोड़ी ,* *14. पांव लागूं, चरण स्पर्श, पैर छुना छोड़े ,* *15. घर परिवार छोड़े (अकेले सुख की चाह में संयुक्त परिवार)।* *अब कोई रीति या परंपरा बची है?* *ऊपर से नीचे तक गौर करो, तुम कहां पर हिन्दू हो, भारतीय हो, सनातनी हो, ब्राह्मण हो, क्षत्रिय हो, वैश्य हो* *कहीं पर भी उंगली रखकर बता दो कि हमारी परंपरा को मैनें ऐसे जीवित रखा हैं* *जिस तरह से हम धीरे धीरे बदल रहे हैं- जल्द ही समाप्त भी हो जाएंगे।* *बौद्धों ने कभी सर मुंडाना नहीं छोड़ा!* *▪️ सिक्खों ने भी सदैव पगड़ी का पालन किया!* *▪️ मु स लमान ने न दाढ़ी छोडी और न ही 5 बार नमाज पढ़ना!* *▪️ ईसाई भी संडे को चर्च जरूर जाता है!* *फिर हिन्दू अपनी पहचान-संस्कारों से क्यों दूर हुआ?* *कहाँ लुप्त हो गये- गुरुकुल की शिखा, यज्ञ, शस्त्र-शास्त्र, नित्य मंदिर जाने का संस्कार ?* *हम अपने संस्कारों से विमुख हुए, इसी कारण हम विलुप्त हो रहे हैं।* *अपनी पहचान बनाओ! अपने मूल-संस्कारों को अपनाओ!!!* *सप्ताह मे कम से कम एक दिन तो मन्दिर जाना शुरु करो बच्चों के साथ।* *जय माता दी , जय सनातन संस्कृति, जय श्री राम 🙏* *इस जानकारी को जितना हो सके आगे बढ़ाएं।🙏🙏🙏🙏 राधे राधे राधे कृष्ण राधे राधे राधे कृष्ण राधा ही राधे राधे कृष्ण🙏🙏🙏🙏🙏🙏*

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