
Rama Devi Sahu
386 days ago
🙏‼️ Jai Shree Ram ‼️🙏 Dt.09.08.2025 (Saturday) ************************** *🔯 प्रसन्नता में आनन्द* ––––––––––––– *📖 एक व्यक्ति बड़ा खुश था कि दो दिन बाद गाँव में मेला लगेगा। रौनक होगी, बाजार लगेगा, झूले लगेंगे, आसपास के गाँव के लोग मेला देखने आएँगे। भाँति-भाँति की मिठाईयाँ, फल, नाच-गाना, रंग तमाशा देखने को मिलेगा। खूब मजे लेंगे, मेला देखेंगे। ये साल के बाद मेला लगता है।* *परन्तु वो व्यक्ति गरीब था और मज़दूरी करता था। दो दिन बाद मेला लगा तो वो भी मेला देखने चला गया। उसके पास एक अठन्नी थी। वो उस अठन्नी को लेकर मेले में चला गया। हर कोई खुशी से हँस रहा है, मुस्कुरा रहा है। बाजार में कई प्रकार की खाने की वस्तुएँ हैं। अब एक अठन्नी की क्या वस्तु आती। कोई जलेबी नहीं देता, पेड़ा नहीं देता, पकौडे नहीं देता। मेले में घूमता रहा, आखिर थक गया और सोचने लगा कि इस अठन्नी का क्या लूँ? आखिर उसने एक रेहड़ी वाले को अठन्नी दी और कहा- आठ आने की गाजर दे दे। रेहड़ी वाले से गाजर लेकर मेले के बाहर एक पेड़ के नीचे बैठकर रोने लगा और परमात्मा से शिकायत करने लगा - हे प्रभु! तुमने मुझे दुनिया में पैदा ही क्यों किया? यदि पैदा किया है तो थोड़ा-बहुत धन भी देता। मुझे गरीब क्यों बनाया। मेरे पास इतने पैसे भी नहीं हैं कि अपनी मनपसंद कोई वस्तु लेकर खा पाऊँ। मैं भी मेले का आनन्द ले पाऊँ, नाच-गाना देखूँ। झूला झूलूँ, मिठाईयाँ खाऊँ। आँखों से आँसू बह रहे हैं। प्रभु को शिकायत पर शिकायत किये जा रहा है और गाजर खाये जा रहा है। मैं क्यों गरीब हूँ, मुझे गाजरें ही मिली हैं खाने को। अचानक गाजर खाते-खाते उसका ध्यान अपने पीछे जाता है तो देखकर हैरान हो जाता है कि गाजर खाकर जो उसका पीछे का हिस्सा उसने अपने पीछे फेंका है वो टुकड़ा उठा-उठाकर कोई दूसरा व्यक्ति खा रहा है। उस व्यक्ति के पास तो गाजरें भी नहीं हैं। वह इससे भी ज्यादा भूखा था। उसके पास शायद एक पैसा भी नहीं था। इसलिए इसके बचे हुए गाजर के टुकड़े उठा-उठा कर खा रहा है। यह देखकर उस व्यक्ति ने परमात्मा का लाख लाख शुक्र किया कि हे प्रभु! तेरा धन्यवाद तूने मुझे खाने को गाजर तो दी हैं। एक ये आदमी है जिस बेचारे के पास ये भी नहीं थे। यह तो मेरे से भी गरीब है। उसने हँसते हुए बची हुई सारी गाजरें दूसरे व्यक्ति को दे दीं।* *कहने का भाव यह है कि प्रभु की रजा में खुश रहें। जितना प्रभु ने दिया है उसमें संतोष करें। दुनिया को देखकर अपने मन को व्याकुल न करें कि ऐसी गाड़ी-बंगला, दुकान-मकान हमारा क्यों नहीं। यदि कोई अमीर है, करोड़पति है, परन्तु उसके अन्दर शांति नहीं, खुशी नहीं, प्रसन्नता नहीं तो उसके अमीर होने का उसे क्या लाभ? जो खुशी के गीत नहीं गाता, जो प्रभु के गुण नहीं गाता, जो प्रभु का शुक्र नहीं मनाता, वो धनवान नहीं है क्योंकि वो सन्तोष धन से खाली है।* *•┈┉┅━°༺❀༺༻❀༻°━┅┉┈•*
Comments (11)

Deepak karki
Aug 9, 2025
🙏🌹राम राम जी जय श्री राम 🙏🌹

Rama Devi Sahu
Aug 9, 2025
Mangal Kamanayen ke Sath Subha Ratri Jii 🙏 Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🙏🌹🌹

navita
Aug 9, 2025
jai shri ram

navita
Aug 9, 2025
jai shri ram

Rama Devi Sahu
Aug 9, 2025
Subha Dopahar ki Ram Ram Jii 🙏A Brother - Sister bond is like a melody. Sometimes playful, sometimes emotional, but always filled with love ❤️ Happy Rakshabandhan 🍫🍫🌹

Girish Kumar
Aug 9, 2025
Rakshabandhan ki Hardik Shubhkamnaye 🙏🙏🌹

Girish Kumar
Aug 9, 2025
Jai Shri Ram 🙏 Jai Shri Hanuman 🙏 Shubh Prabhat Vandan 🙏

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩
Aug 9, 2025
HAPPY RAKSHABANDHAN 🌹🚩

