
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
47 days ago
*🌹जीवन बार-बार देता है संकेत, आवश्यकता है उन्हें समझने की, जीवन के संकेतों को पढ़ना सिखाता है ज्योतिष🌹* 💐💐💐💐💐💐💐💐💐 *🔮फिल्मों और साहित्य में अनेक भावों तथा घटनाओं को प्रत्यक्ष रूप से दिखाने के स्थान पर प्रतीकों के माध्यम से अभिव्यक्त किया जाता है। यदि किसी दृश्य में जलता हुआ दीपक अचानक बुझ जाए, तो दर्शक सहज ही समझ जाता है कि यह किसी व्यक्ति की मृत्यु या जीवन-ज्योति के समाप्त होने का संकेत है। दो पुष्प-डालियों का एक-दूसरे से लिपट जाना प्रेमी-प्रेमिका के मिलन का प्रतीक माना जाता है। भविष्य जानने के लिए ग्रह प्रतीकों को समझना जरूरी है।* *ज्योतिष ग्रहों, राशियों और भावों की गणना के साथ प्रतीकों की एक अत्यंत सूक्ष्म और गूढ़ भाषा है। जो व्यक्ति इन प्रतीकों की भाषा को समझ लेता है, उसके लिए जन्मकुंडली जीवन के रहस्यों को उद्घाटित करने वाली एक सजीव मानचित्र बन जाती है।* यह माना गया है कि चाहें ज्योतिष के सूत्र हों अथवा कविता आदि कोई भी साहित्य हो, यह अन्तर्मन से जब प्रकट होते हैं, तो अद्वितीय हो जाते हैं। जब हमारे अन्दर की भावनाएं सघन रूप में इकट्ठी हो जाती हैं, तब उसका प्रस्फुटन साहित्य के रूप में होता है। मनोवैज्ञानिकों का भी मानना है कि आवेश के क्षणों में बहुत ही असाधारण भाषा, विचार और सूत्रों का जन्म होता है। यदि उस क्षण उसे नोट नहीं किया गया तो वे हमेशा के लिए गायब हो जाते हैं। सूर्य केवल आकाश में चमकने वाला एक तारा नहीं है। ज्योतिष में वह आत्मा, पिता, आत्मविश्वास, नेतृत्व, प्रतिष्ठा और जीवन-ऊर्जा का प्रतीक है। चन्द्रमा मन, भावनाओं, माता और मानसिक स्थिरता का प्रतीक है। मंगल युद्ध, साहस, ऊर्जा, पराक्रम और संघर्ष-शक्ति का संकेत देता है। इसी प्रकार प्रत्येक ग्रह अपने भीतर अनेक अर्थों को समेटे हुए हैं। जन्मकुण्डली के भावों का भी यही स्वरूप है। सप्तम भाव विवाह के साथ साझेदारी, सामाजिक व्यवहार, समझौते और सार्वजनिक जीवन का प्रतीक है। अष्टम भाव को सिर्फ मृत्यु भाव नहीं समझना चाहिए, यह परिवर्तन, शोध, रहस्य, गूढ़ ज्ञान और जीवन के गहन अनुभवों का भी प्रतिनिधित्व करता है। यदि कोई ज्योतिषी केवल एक प्रतीक को पकड़कर निष्कर्ष निकाल दे, तो वह सत्य से दूर हो सकता है। एक ही ग्रह या योग अलग-अलग कुंडलियों में भिन्न प्रकार से फलित होता है। उसका अर्थ उस ग्रह की स्थिति, बल, दृष्टि, युति, भाव, राशि और संपूर्ण कुंडली के संदर्भ में बदल सकता है, इसलिए ज्योतिष में प्रतीकों को अलग-अलग नहीं, बल्कि एक समग्र चित्र के रूप में समझना आवश्यक है। एक कुशल ज्योतिषी वही है जो प्रतीकों की मौन भाषा को पढ़ सके और उनके पीछे छिपे जीवन-संदेश को समझ सके। *🚩#हरिऊँ🚩* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 💐💐💐💐💐💐💐💐💐

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