
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
285 days ago
*सबसे उत्तम उदाहरण प्रेमानंद महाराज जी जो आठवीं कक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़कर पूरी तरह से भक्ति और साधना का रास्ता चुन लिया 11 वर्ष की आयु में रात के 3 बजे प्रेमानंद महाराज जी ने घर छोड़ दिया था रात के 3 बजे 15 किलो मीटर तक वो भूखे पेट दौड़ते रहे आखिर में उसी रात को उने शिव मंदिर में भोजन मिला*

