
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
42 days ago
19.7.2026 *"संसार में कुछ लोग आपसे प्रेम करते हैं, और अनेक प्रकार से आपका सहयोग भी करते हैं। जैसे आपके पुत्र पौत्र अथवा आपके विद्यार्थी शिष्य अनुयाई सत्संगी इत्यादि।" "ये लोग आपको बड़ा मानते हैं, आपको गुणवान बलवान बुद्धिमान धार्मिक सदाचारी इत्यादि गुणों वाला मानते हैं, और आपकी सब प्रकार से रक्षा सेवा भी करते हैं। तो ये लोग आपकी बहुत बड़ी संपत्ति हैं। आप भी इस संपत्ति की रक्षा करें। अर्थात जो बड़े बुजुर्ग तथा विद्वान लोग हैं, वे अपने पुत्र पौत्रों तथा अपने शिष्यों को ज्ञान देकर, अपने जीवन के अमूल्य अनुभव की बातें बता कर सिखा कर उनकी सब प्रकार से रक्षा करें।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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