
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
195 days ago
बेंगलुरु के प्रसिद्ध काडू मल्लेश्वरम मंदिर (Kadu Malleshwara Temple) के सामने स्थित नंदी तीर्थ (Nandishwara Teertha) की बात कर रहे हैं। यह स्थान लगभग 400 वर्षों तक मिट्टी और मलबे के नीचे दबा रहा और 1997 में एक खुदाई के दौरान अचानक दुनिया के सामने आया। इस रहस्यमयी मंदिर की खास बातें: * खोज (1997): मल्लेश्वरम के इस इलाके में जब एक खाली प्लॉट पर निर्माण कार्य के लिए खुदाई हो रही थी, तब मजदूरों को पत्थर की संरचनाएं मिलीं। पूरी तरह खुदाई होने पर एक प्राचीन मंदिर परिसर बाहर निकला। * निरंतर जल प्रवाह: यहाँ एक नंदी की प्रतिमा है जिसके मुख से 24 घंटे, 365 दिन साफ पानी की धारा बहती रहती है। * विज्ञान बनाम आस्था: सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस पानी का स्रोत (Source) आज भी एक रहस्य है। वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने काफी कोशिश की, लेकिन यह पता नहीं चल पाया कि नंदी के मुख तक पानी कहाँ से पहुँच रहा है। * प्राचीन इंजीनियरिंग: नंदी के मुख से गिरता हुआ पानी सीधे एक शिवलिंग पर गिरता है और फिर वहां से एक छोटे कल्याणम (तालाब) में जमा होता है। यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है? बेंगलुरु जैसे आधुनिक शहर के बीचों-बीच, जहाँ जलस्तर (water table) की समस्या रहती है, वहां सदियों पुराना यह प्राकृतिक जल स्रोत बिना किसी मोटर या पंप के आज भी जीवित है। लोग इसे भगवान शिव का चमत्कार मानते हैं, जबकि इतिहासकार इसे प्राचीन भारत की अद्भुत हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग का नमूना कहते हैं। > एक रोचक तथ्य: माना जाता है कि यह मंदिर मराठा शासक शिवाजी महाराज के सौतेले भाई वेंकोजी (Ekoji I) के काल का है।
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