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*🌹'28 या 29 जुलाई...' गुरु पूर्णिमा 2026 कब मनाई जाएगी? तारीख को लेकर दूर करें कन्फ्यूजन, जानें पूजा समय और इस दिन का महत्व🌹* 💐💐💐💐💐💐💐💐💐 *🌝हिंदू धर्म में गुरु को भगवान से भी ऊंचा दर्जा दिया गया है। आषाढ़ महीने की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। 2026 में गुरु पूर्णिमा की सही तारीख को लेकर थोड़ी उलझन है।* *आइए जानते हैं कि यह 28 जुलाई को मनाई जाएगी या 29 जुलाई को, और पूजा के शुभ समय के बारे में भी जानते हैं।* *🌕28 या 29 जुलाई: 2026 में गुरु पूर्णिमा कब है?* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* हिंदू कैलेंडर के अनुसार, *आषाढ़ पूर्णिमा* की तिथि 28 जुलाई 2026 की शाम को शुरू होगी। हालांकि, सनातन धर्म में त्योहार *•'उदया तिथि'* (सूर्योदय के समय जो तिथि होती है) के आधार पर मनाए जाते हैं। 29 जुलाई को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि होगी और यह रात तक रहेगी, इसलिए 2026 में गुरु पूर्णिमा का त्योहार 29 जुलाई (बुधवार) को मनाया जाएगा। *🌕गुरु पूर्णिमा 2026: तारीख और शुभ समय* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* `•हिंदू कैलेंडर के अनुसार, पूर्णिमा तिथि के शुरू और खत्म होने का समय इस प्रकार है:-` *🚩पूर्णिमा तिथि शुरू:-* 28 जुलाई 2026, शाम 06:18 बजे *🚩पूर्णिमा तिथि खत्म:-* 29 जुलाई 2026, रात 08:05 बजे *🚩पूजा का सबसे अच्छा समय (उदय तिथि के आधार पर):-* 29 जुलाई, सुबह 05:41 बजे से सुबह 09:05 बजे तक। `•29 जुलाई को दोपहर 12:27 बजे से दोपहर 02:08 बजे तक राहु काल (अशुभ समय) रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, राहु काल के दौरान गुरु पूजा या कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए।` *⚜️इस दिन ग्रहों की एक खास स्थिति बन रही है:-* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* ज्योतिषियों के अनुसार, 29 जुलाई 2026 को चंद्रमा *•उत्तराषाढ़ नक्षत्र* और *•मकर राशि* में होगा। साथ ही, इस दिन बृहस्पति ग्रह बहुत मजबूत और सकारात्मक स्थिति में होगा। इस शुभ संयोग में गुरु की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में खुशी, समृद्धि, ज्ञान और मन की शांति आती है। *🪔गुरु पूर्णिमा पूजा विधि* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 `•अगर आप घर पर गुरु पूजा करना चाहते हैं, तो इस आसान तरीके का पालन करें:-` * *स्नान और संकल्प:-* पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठें, स्नान करें और साफ कपड़े (हो सके तो पीले या सफेद) पहनें। * *पूजा स्थल की तैयारी:-* अपने घर के उत्तर-पूर्व कोने (ईशान कोण) में लकड़ी की एक छोटी चौकी रखें और उस पर पीला या सफेद कपड़ा बिछाएं। * *मूर्ति या तस्वीर स्थापित करना:-* चौकी पर अपने गुरु, महर्षि वेद व्यास या भगवान विष्णु/शिव की तस्वीर या मूर्ति रखें। * *पूजा की सामग्री अर्पित करना:-* देवता या गुरु को रोली (कुमकुम), चंदन का लेप, अक्षत (बिना टूटे चावल के दाने), पीले फूल, फल और मिठाइयां अर्पित करें। ध्यान करें और गुरु के चरणों में नमन करें। * *मंत्र जाप:-* पूजा के दौरान `•'ॐ गुरुभ्यो नमः' या 'गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः...' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप` करें। * *आरती और आशीर्वाद:-* अंत में, कपूर से गुरु की आरती करें और परिवार के बड़ों व अपने गुरुओं के पैर छूकर आशीर्वाद लें। *🪔गुरु पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है?* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पवित्र दिन चार वेदों के संकलनकर्ता और *•महाभारत* के रचयिता महर्षि कृष्ण द्वैपायन व्यास (वेद व्यास जी) की जयंती का प्रतीक है। उन्हें *•आदि-गुरु* (प्रथम गुरु) माना जाता है; इसलिए, इस दिन को *•'व्यास पूर्णिमा'* के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा, भगवान बुद्ध ने इसी दिन सारनाथ में अपना पहला उपदेश दिया था, जिससे यह बौद्ध धर्म में भी एक बहुत महत्वपूर्ण अवसर बन गया है। *🚩#ऊँ_श्रीगुरुवे_नम:🚩* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 💐💐💐💐💐💐💐💐💐

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