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राधे राधे जी 🙏🏻 🚩 *"सबसे अधिक अपराध वाणी से होते हैं,* *इसलिए वाणी पर संयम रखना चाहिए।"* 🙏 *- श्री हित प्रेमानंद गोविन्द शरण जी महाराज* *श्री राधावल्लभो जयति || 04 जून ||* *महाराज जी की बात का गहरा अर्थ* *1. "वाणी से अपराध" क्यों कहा?* हाथ से किया पाप 1 बार चोट देता है। *जीभ से किया पाप 100 बार चोट देता है*। क्योंकि: - *तीर का घाव भर जाता है, बात का घाव नहीं भरता* - *हत्या शरीर मारती है, शब्द आत्मा मार देते हैं* - *कुल्हाड़ी पेड़ 1 बार काटती है, कड़वी जुबान रिश्ते रोज काटती है* *2. शास्त्र क्या कहते हैं?* *मनुस्मृति:* _"वाच्यर्थाः संयता: सर्वे"_ - वाणी ही सभी पापों की जड़ है। *गीता:* _"अनुद्वेगकरं वाक्यं सत्यं प्रियहितं च यत्"_ - ऐसी वाणी बोलो जो *सत्य हो, प्रिय हो, हितकारी हो*। *3. वाणी के 4 बड़े अपराध* महाराज जी इन्हीं से बचने को कह रहे हैं: अपराध उदाहरण कर्म का फल **1. झूठ** फायदा के लिए सच छुपाना विश्वास खत्म, लक्ष्मी रूठती है **2. निंदा** पीठ पीछे बुराई करना अपना पुण्य दूसरे के खाते में जाता है **3. कटु वचन** गुस्से में अपशब्द रिश्ते टूटते हैं, अकेलापन मिलता है **4. व्यर्थ प्रलाप** बिना मतलब बक-बक करना ऊर्जा नष्ट, बुद्धि भ्रष्ट --- *"संयम" कैसे रखें? - 3 सेकंड का नियम* बोलने से पहले *3 सेकंड रुको* और खुद से पूछो: 1. *क्या ये सत्य है?* - झूठ हुआ तो जीभ पर लगाम 2. *क्या ये जरूरी है?* - फालतू हुआ तो चुप रहो 3. *क्या ये प्रिय है?* - कड़वा हुआ तो *शहद में लपेट कर बोलो* *वृंदावन का नियम:* राधा रानी के धाम में *"राधे-राधे"* के सिवा व्यर्थ बोलने की मनाही है। क्योंकि *वाणी वहीं खर्च करो जहाँ हरि-नाम, प्रेम, सेवा की बात हो*। *सीधी बात* *जीभ हड्डी की नहीं होती, पर हड्डी तुड़वा देती है*। *एक शब्द घर बसाता है, एक शब्द घर उजाड़ देता है*। महाराज जी कह रहे हैं: *"बोलने से पहले तोलो, फिर मुँह खोलो"*। आज से व्रत लो - *दिन में 1 बार भी किसी का दिल नहीं दुखाऊंगा*। *वाणी पर संयम = आधी साधना पूरी* *जिसकी जीभ मीठी, उसके भगवान भी मीठे* *|| राधे राधे ||* *श्री हित राधा केलि कुंज, वृंदावन का आशीर्वाद सदा बना रहे 🙏* *आज किसकी वाणी से तुम्हारा दिल दुखा? माफ कर दो। किसका दिल तुमने दुखाया? जाकर राधे-राधे बोल दो* 💛

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