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नाम को 'धन' की संज्ञा इसलिए दी गई है क्योंकि यह भौतिक धन से कहीं अधिक मूल्यवान और स्थायी माना जाता है। जहाँ सांसारिक धन (रुपया-पैसा) केवल वस्तुएं खरीद सकता है, वहीं 'नाम' रूपी धन से आप वो चीजें अर्जित कर सकते हैं जो बाजार में नहीं मिलतीं: १. विश्वास और साख (Trust and Credibility) समाज में आपका 'नाम' यानी आपकी साख ही वह सिक्का है जिससे आप लोगों का अटूट विश्वास खरीद सकते हैं। यदि आपका नाम सच्चाई और ईमानदारी के लिए जाना जाता है, तो लोग बिना किसी लिखित दस्तावेज के भी आप पर भरोसा करने को तैयार हो जाते हैं। २. सम्मान और प्रतिष्ठा (Honor and Respect) भौतिक धन से आप सुख-सुविधाएं खरीद सकते हैं, लेकिन सच्चा सम्मान नहीं। नाम रूपी धन से आप लोगों के हृदय में वह स्थान प्राप्त करते हैं, जिसे करोड़ों रुपए खर्च करके भी नहीं पाया जा सकता। ३. शांति और संतोष (Peace and Contentment) जब कोई व्यक्ति "राम नाम" या प्रभु के नाम को धन मानता है, तो वह उससे आंतरिक शांति और परम संतोष खरीदता है। यह वह धन है जो चोर नहीं चुरा सकता और न ही यह समय के साथ घटता है। > एक विचार: > "गो धन, गज धन, बाजि धन और रतन धन खान। > जब आवत संतोष धन, सब धन धूरि समान।।" > निष्कर्ष: नाम रूपी धन से भौतिक वस्तुएं भले न खरीदी जा सकें, लेकिन इससे सच्चे मित्र, दुआएं, मानसिक शांति और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणादायक विरासत अवश्य खरीदी जा सकती है।

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