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*"श्रेष्ठता" का"आधार ऊंचे" आसन पर नहीं बल्कि"ऊंची" "सोच पर निर्भर" करता है सबसे बड़ा धर्म है अपने स्वभाव के प्रति सच्चा होना यदि आप खुद पर"विश्वास" नहीं करते तो आप "ईश्वर" पर भी "विश्वास" नहीं कर सकते भले ही एक"चिराग़"से कुछ ना हो मगर समाज में अपने हिस्से की "शमा रोशन" करते रहिए सुख व्यक्ति के अहंकार की परीक्षा लेता है जबकि दुःख व्यक्ति के "धैर्य" की दोनो परीक्षाओं में उत्तीर्ण व्यक्ति का "जीवन ही सफल जीवन"है "कठिनाइयां" जब भी आती हैं वो तो सदैव "कष्टदायक" ही होती हैं परंतु जब वो जाती हैं तो आत्मबल का एक ऐसा उत्तम उपहार दे जाती है जो उन कष्टों व दुःखों की तुलना में हजारों गुना "मूल्यवान" होता है।* *💫🌹जय श्री राम🌹💫* *💫🌹शुभ प्रभात🌹💫*

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